चरथावल-बधाई कलां के जंगल में फसलों को बर्बाद करते बेसहारा गोवंश।
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चरथावल। बेसहारा गोवंश क्षेत्र के किसानों की की लहलाती गेहूं और सरसों के खेतों में फसलों को खाकर अपना पेट भर रहे हैं। चरथावल और बधाई कलां में करोड़ों रुपये की लागत से बनी गोशाला के बावजूद प्रशासन का ध्यान निराश्रित गोवंश को संरक्षित करने में दिलचस्पी नहीं है।
योगीराज में किसानों के साथ गोवंश की दुर्गति से लोग परेशान है। चरथावल-रोहाना मार्ग पर तिराहे के पास आवारा गोवंश से लोग परेशान हैं। सड़कों पर दर्जन भर बेसहारा गोवंश पशुओं से बचने के लिए किसानों को घर और घेर का गेट बंद रखना पड़ता है। वहीं रोहाना मार्ग पर अलावलपुर, सैदपुर कलां और बधाई कलां के जंगलों में निराश्रित गोवंश किसानों की फसलों को उजाड़ रहे है। बधाई कलां और होशियारपुर के जंगल में के गेहूं के खेतों में पूरे दिन कई दर्जन गोवंश मौजूद रहते हैं।
ब्लॉक और जिला प्रशासन के अधिकारी गोवंश को गोशाला में भिजवाने की जहमत नहीं उठा रहे हैं। बधाई कलां गांव में छह महीने पूर्व करोड़ों की लागत से गोशाला वीरान पड़ी है। ग्राम प्रधान सुपुर्दगी में नहीं ले रहा। चरथावल नगर पंचायत प्रशासन भी आवारा गोवंश को करोड़ों रुपये से बनी गोशाला में भिजवाने में रुचि नहीं लेता। विजेंद्र कुमार, हरपाल सिंह, पिंकी मलिक आदि ने डीएम से आवारा पशुओं को गोशाला में भिजवाने की मंाग की है