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Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर - खुद से एस्पिरिन और इबुप्रोफेन का इस्तेमाल न करें डेंगू मरीज

Tue, 05 Sep 2023 12:50 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
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फोटो समाचार
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संवाद न्यूज एजेंसी

मुजफ्फरनगर। डेंगू के बढ़ते हुए प्रकोप को लेकर जिला चिकित्सालय में डेंगू वार्ड बनाया गया है। जिसमें भर्ती मरीजों के बेड पर मच्छरदानी लगाई गई है। चिकित्सकों का कहना है कि डेंगू के मरीज बिना चिकित्सक की सलाह के एस्पिरिन और इबुप्रोफेन का इस्तेमाल न करें। यह दिक्कत पैदा कर सकती है।

जिले में अब तक डेंगू के 16 मरीज सामने आ चुके हैं। जबकि पांच मरीजों को भर्ती किया गया है। जिनका उपचार जारी है। चिकित्सकों ने बताया कि डेंगू के उपचार के लिए कोई खास दवा या वैक्सीन नहीं है। बुखार उतारने के लिए पैरासीटामोल ले सकते हैं। मरीज अपनी मर्जी से एस्पिरिन और इबुप्रोफेन का इस्तेमाल न करें। उन्होंने कहा कि डेंगू के हर रोगी को प्लेटलेट्स की आवश्यकता नहीं पड़ती है। मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता के आधार पर ही वह ठीक होता है। जिस मरीज को रोग प्रतिरोधक क्षमता ठीक नहीं होती है, उसे थोड़ी दिक्कत होती है। जिला चिकित्सालय में डेंगू के मरीजों को दी जाने वाली सभी औषधियां हैं।
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जिला मलेरिया अधिकारी अलका सिंह ने कहा कि उनकी टीम लगातार बुखार के मरीजों की जांच करा रही है। जिस क्षेत्र में बुखार के अधिक मरीजों की सूचना मिलती है, वहां का सर्वे भी कराया जाता है। इसके अलावा जगह-जगह जाकर लार्वा भी तलाश किया जाता है और लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।
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पूरी आस्तीन के कपड़े पहनकर पहुंचे विद्यार्थी

जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन के मुताबिक बच्चों को स्कूल में पूरी आस्तीन के कपड़े पहनकर आने के लिए कहा गया है। प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया गया कि वह बच्चों को पूरी आस्तीन की ड्रैस पहनने के लिए सूचित करें। साथ ही सावधानियां बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

यह है डेंगू के लक्षण

- अकस्मात तेज सिर दर्द व बुखार होना।

- मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होना।

- आंखों के पीछे दर्द होना, जो कि आंखों को घुमाने से बढ़ता है।

- जी मिचलाना व उल्टी होना।

यह बरतें सावधानियां

- कूलर एवं पानी की टंकियों को खाली कर साफ करें।

- सोते समय मच्छरदानी का उपयोग जरूर करें।

- घरों या आसपास जहां कहीं भी ठहरा पानी हो, उसे सुखा दें।

- गमलों के नीचे रखे बर्तनों में से पानी को नियमित सुखाएं

- पानी की टंकी के ढक्कन बंद रखें और सप्ताह में एक दिन इसको खाली करें।

- पुराने टायर, बर्तनों को हटा दें या फिर उनमें इकट्ठा पानी को सुखा दें।

- दरवाजों व खिड़कियों पर जाली लगवाएं।

- पूरी आस्तीन के कपड़े पहनकर रखें।
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