खतौली में सहकारी गन्ना विकास समिति के होने वाले डेलीगेट चुनाव में 28 ग्रामों में 50 डेलीगेट सदस्यों का निर्विरोध निर्वाचित होना लगभग तय है। कुल 202 पदों के लिए 392 नामांकन पत्र दाखिल किए गए हैं।
शनिवार को गन्ना समिति में डेलीगेट पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल किए गए। चुनाव अधिकारी डॉ. डबल सिंह और सचिव विश्वामित्र पाठक ने बताया कि 11 सर्किल में 105 ग्रामों में 202 डेलीगेट पद पर 27 हजार 67 मतदाता हैं। जबकि शैक्षिक संस्थाओं की प्रबंध समिति में 15 डेलीगेट हैं, जिसमें खानजहांपुर सर्किल से तीन, ताजपुर से एक,
पमनावली से दो, पिपलहेड़ा से एक, भैंसी से तीन, मेहलकी से एक, रहावती से तीन और सठेड़ी सर्किल से एक डेलीगेट चुना जाएगा। इसके बाद इनकी कुल संख्या 217 हो जाएगी। शनिवार को इन पदों के लिए 392 प्रत्याशियों ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। जिसमें 28 ग्रामों में 50 डेलीगेट निर्विरोध चुने जाने का रास्ता साफ हो गया।
नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान समिति परिसर में पुलिस बल तैनात किया गया था। उधर, मंसूरपुर गन्ना समिति के चुनाव अधिकारी एस कुमार राय और सचिव अनिल गुप्ता ने बताया कि 73 ग्रामों में कुल 137 सीट के लिए 238 प्रत्याशियों ने अपना नामांकन पत्र जमा कराया। जबकि 21 गांवों में 42 डेलीगेट निर्विरोध चुने जाने का रास्ता साफ हो गया है।
डेलीगेट चुनाव में प्रधानी का प्रभाव
डेलीगेट चुनाव में प्रत्याशी अपने गुट के लोगों के साथ जिस प्रकार से नामांकन पत्र जमा कराने समिति पहुंच रहे हैं, इससे ग्राम प्रधान पद पर विजयी हुए और हारे हुए प्रत्याशियों के गुट भी सक्रिय हो गए हैं। गांव भैंसी में सबसे अधिक 902 वोट हैं। इस गांव में एक गुट ने पंचायत कर हारे हुए प्रधान पद के प्रत्याशियों को एक जगह जोड़ लिया है।
जबकि दूसरा गुट ग्राम प्रधान सुनील अहलावत का है, जो भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत के भाई हैं। इस गांव में दो पद हैं, जिन्हें लेकर गुण भाग शुरू हो गई है। प्रत्याशी वोटरों को अपने पक्ष में करने के लिए उनसे संपर्क कर रहे हैं। वहीं गुटबाजी को लेकर पुलिस-प्रशासन भी चौकस है।