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रोहाना में डिग्री कॉलेज नहीं होने से विद्यार्थी परेशान

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रोहाना में डिग्री कॉलेज नहीं होने से विद्यार्थी परेशान
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रोहाना। आजादी के 70 साल बीत जाने के बाद भी रोहाना में कोई भी डिग्री कालेज नहीं होने के कारण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को शिक्षा के लिए 15 किमी का सफर करना पड़ रहा है।
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रोहाना क्षेत्र में चीनी मिल होने के कारण भौगोलिक दृष्टि से काफी बड़ा माना जाता है। वर्ष 1943 में मिल के मालिक सरदार श्यामसिंह ने अमृत हाईस्कूल एवं फिर इंटर कालेज स्थापित की। वर्षों तक चरथावल विधानसभा के सुरक्षित होने पर चरथावल विकास खंड के इस कॉलेज में बरला, छपार, चरथावल के छात्र यहां शिक्षा ग्रहण करने पैदल ही आते थे। इसी कालेज से पूर्व सांसद स्वर्गीय धर्मवीर त्यागी, हाईकोर्ट इलाहाबाद में न्यायमूर्ति ताहिर त्यागी, मुरादाबाद के पूर्व कमिश्नर सुरेंद्र गौड़, उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री कपिलदेव के साथ ही उच्च पदों पर रहे लोगों ने शिक्षा ग्रहण की। यह क्षेत्र अब पुरकाजी विधानसभा सुरक्षित सीट में चला गया। आजादी के बाद कांग्रेस, जनता पार्टी, जनता दल, भाजपा, बसपा की सरकार के विधायकों का कब्जा रहा। आज भी क्षेत्र का विधायक भाजपा का ही है, लेकिन जनप्रतिनिधि न ही कोई सरकारी स्कूल और न ही डिग्री कालेज की स्थापना कर पाए। जबकि चीनी मिल और सहकारी गन्ना विकास समिति होने के कारण बड़ा क्षेत्र बन जाता है। डिग्री कालेज नहीं होने के कारण छात्र-छात्राओं को या तो प्राइवेट शिक्षा ग्रहण करनी पड़ती या मुजफ्फरनगर, देवबंद के कॉलेज में उच्च शिक्षा लेनी पड़ती है। क्षेत्र के अध्यापक संजय त्यागी, मदन, मास्टर सतबीर त्यागी, पंकज भगत, अरविंद मलिक, तरुण का कहना है कि यहां डिग्री कालेज की स्थापना होनी चाहिए।
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