रामपुर तिराहा कांड
- सीबीआई बनाम मिलाप सिंह की पत्रावली में अदालत ने की सुनवाई
- केस से संबंधित महत्वपूर्ण मूल दस्तावेज चले आ रहे हैं गुम
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड की गायब मूल पत्रावलियों के मामले में नया मोड़ आ गया है। गायब मूल दस्तावेज नहीं मिले हैं। सीबीआई ने अदालत तो बताया कि छाया प्रति उनके पास है, जिसके आधार पर दूसरे गवाह को बुलाने की अनुमति प्रदान की जाएं। बचाव पक्ष ने अदालत में इसका विरोध किया और अपना पक्ष रखने के लिए समय मांगा। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए तीन अगस्त की तिथि तय की है।
शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा, सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परवेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार बनाम मिलाप सिंह की पत्रावली में बुधवार को सुनवाई हुई। विशेष लोक अभियोजक धारा सिंह मीणा ने अदालत को बताया कि मूल दस्तावेजों की फोटोकॉपी सीबीआई के पास है, इनके आधार पर दूसरे गवाह को अदालत बुलाने की अनुमति दी जाएं।
बचाव पक्ष ने इस पर अदालत में प्रार्थना पत्र देकर समय दिए जाने की मांग रखी। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने सुनवाई के लिए तीन अगस्त की तिथि तय की है। सीबीआई बनाम मिलाप सिंह और सीबीआई बनाम राधा मोहन की पत्रावली में सुनवाई होगी।
ये था मामला
एक अक्तूबर, 1994 को अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। देर रात रामपुर तिराहा पर पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास किया। आंदोलनकारी नहीं माने तो पुलिसकर्मियों ने फायरिंग कर दी, जिसमें सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी। सीबीआई ने मामले की जांच की और पुलिस पार्टी और अधिकारियों पर मुकदमे दर्ज कराए थे। गंभीर धाराओं के सेशन ट्रायल मुकदमों की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने जिले के अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह को अधिकृत किया है।