मोरना। पौराणिक तीर्थ नगरी शुकतीर्थ स्थित गंगा तट के निकट श्री रामानुज कोट तिलकधारी आश्रम में ब्रह्मलीन संत स्वामी जगन्नाथ महाराज की 23वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। वार्षिकोत्सव में साधु-संतों, श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
आश्रम के संस्थापक ब्रह्मलीन संत स्वामी जगन्नाथ महाराज की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया गया। महंत विष्णु आचार्य महाराज ने ब्रह्मलीन स्वामी जगन्नाथ तिलक धारी महाराज को एक महान गौसेवक बताया।
उन्होंने बताया कि 1974 में स्वामी जी द्वारा स्थापित गौशाला आज भी वृहद स्तर पर निरंतर गोसेवा का कार्य कर रही है। यह स्वामी जी की गोसेवा के प्रति अटूट निष्ठा का ही परिणाम है कि आज भी उनकी प्रेरणा से यह कार्य अनवरत जारी है।
महामंडलेश्वर स्वामी केशवानंद महाराज ने भी स्वामी जी के सरल स्वभाव और गोसेवा के प्रति उनके समर्पण को याद करते हुए कहा कि गायें उन्हें नाम लेकर पुकारने पर दौड़ी चली आती थीं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संत, समाज और गोसेवक ही राष्ट्र और धर्म के सच्चे प्रेमी होते हैं।
स्वामी कनक प्रभानंद सरस्वती महाराज ने ब्रह्मलीन संत की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी शिक्षाओं ने न केवल साधु-संतों, बल्कि उनके अनुयायियों के जीवन को भी धन्य किया है।
स अवसर पर महामंडलेश्वर गोपालदास महाराज, धर्मदास महाराज, मोहनदास महाराज, गीतानंद तीर्थ महाराज, विनोद शर्मा, आचार्य इंद्रपाल सिंह, प्रेम शंकर मिश्रा और अजय कृष्ण शास्त्री ने अपने विचार व्यक्त किए और आश्रम की गतिविधियों की सराहना की।
वार्षिकोत्सव के अवसर पर एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन किया गया। शारदा हॉस्पिटल के डॉक्टरों की एक टीम ने मरीजों का उपचार किया। डॉ. आकाश अवाना, जय किशोर तिवारी और अनुपम शर्मा ने शिविर में 240 से अधिक मरीजों की निःशुल्क जांच की और उन्हें आवश्यक दवाइयां वितरित कीं। शिविर के आयोजन में गौरव पांडे और महेश चंद्र ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वार्षिकोत्सव के यजमान बिंदल ग्रुप के चेयरमैन राकेश बिंदल रहे, जिन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग प्रदान किया।