मुजफ्फरनगर। बृहस्पतिवार सुबह आसमान में बादल छाने से अंधेरा घिर आया। चार घंटे तक बारिश होती रही। दिन के तापमान में 10 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई, जबकि 28.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। आम जनजीवन प्रभावित हुआ। बिजली आपूर्ति बाधित रही और शहर के कई मोहल्लों में जलभराव रहा। दिन और रात के तापमान में सिर्फ 1.5 डिग्री का अंतर रिकॉर्ड किया गया।
बृहस्पतिवार तड़के पांच बजे से ही आसमान में बादल छाने शुरू हो गए थे। घने बादलों से अंधेरा छाया तो सुबह चालकों को वाहनों की लाइट जलाकर गुजरना पड़ा। सुबह आठ बजे बारिश शुरू हो गई। बुधवार को अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया था, जबकि बृहस्पतिवार को यह 22.8 डिग्री रहा।
इससे पहले रात का न्यूनतम तापमान भी 21.3 डिग्री रहा। दिन और रात के तापमान में कम अंतर रहा। सर्दी का अहसास बढ़ गया है। बारिश के कारण बाजारों में लोगों की आवाजाही प्रभावित रही।
खतौली-बुढ़ाना मार्ग पर बुढ़ाना अंडरपास के नीचे जलभराव होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। रतनपुरी के किसान सुनील कुमार, गुलाब सिंह, मोनू एवं जयवीर सिंह का कहना है कि बारिश के कारण सरसों की बोआई भी प्रभावित हुई है।
कोल्हू का संचालन ठप, भीग गया धान
रतनपुरी। बारिश के चलते कोल्हुओं का संचालन प्रभावित हुआ। ठेकेदार जयभगवान, विनोद एवं मांगेराम का कहना है कि यदि मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहा तो कोल्हू स्वामियों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं। खेतों में पड़ी धान की फसल भी भीग गई, जिससे किसानों को नुकसान होगा। संवाद
-
किसान बोले, बारिश ने बढ़ाई मुश्किल
जानसठ। किसान पवन अहलावत का कहना है कि बृहस्पतिवार सुबह दोबारा बारिश होने से खेतों में जलभराव की स्थिति और गंभीर होने की आशंका है। यदि मौसम का यही हाल रहा तो गन्ने की छिलाई करना मुश्किल हो जाएगा।
किसान बिट्टू ठाकुर का कहना है कि किसान सरसों और गेहूं की बोआई के लिए खेत तैयार करने में जुटने वाले हैं, लेकिन लगातार बारिश और जलभराव के कारण जमीन तैयार करना मुश्किल होगा।
किसान बलजीत सैनी का कहना है कि उन्होंने कई वर्षों बाद इतनी अधिक बारिश देखी है। लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी भरा हुआ है, जिससे खेती के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं।
ये बोले- कृषि वैज्ञानिक
कृषि विज्ञान केंद्र चित्तौड़ा के प्रभारी डॉ. यशपाल सिंह का कहना है कि बारिश होने से सरसों की बोआई में देरी होगी। बोआई लेट होने से सरसों के बीज का जमाव भी प्रभावित हो सकता है। जिन किसानों के खेतों में अभी तक बारिश का पानी भरा हुआ है, उन्हें गेहूं की बोआई करने में भी देरी का सामना करना पड़ेगा। कृषि विज्ञान केंद्र बघरा के वैज्ञानिक वीरेंद्र सिंह का कहना है बारिश और तेज हवाओं के कारण जिन क्षेत्रों में गन्ने की फसल गिर गई है वहां किसानों भाई गन्ने की फसल को उठाकर बंधाई करें अन्यथा उत्पादन पर फर्क पड़ेगा , धान की गिरी हुई फसल में भी बारिश होने के कारण नुकसान हो सकता है, सरसों की बोआई भी लेट हो जाएगी , किसान भाई खेतों से बारिश के पानी की जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें, सब्जी वर्गीय फसलों की नर्सरी ऊंचे स्थान पर लगाएं, जहां पानी निकासी का उचित प्रबंध हो।
-
तापमान बदल रहा...सेहत कर रखें ध्यान : सीएमओ
सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया का कहना है कि तापमान में 10 डिग्री का बड़ा अंतर आया है। ऐसे में बुजुर्गों और बच्चों की सेहत का ध्यान रखें। कपड़ों में भी बदलाव करें। सुबह के समय गुनगुने पानी का सेवन करें। किसी भी तरह की समस्या आने पर नजदीक के सरकारी अस्पताल में उपचार कराएं।
-
बारिश से पेराई सत्र पर बढ़ा संकट
लगातार बारिश होने से इस साल पेराई सत्र पीछे हटने का अनुमान है। भी तक चीनी मिले नवंबर के पहले सप्ताह में पेराई शुरू करने की तैयारी में है लेकिन अगर बारिश नहीं थमी तो सत्र और अधिक पीछे हट सकता है।