चरथावल। सिकंदरपुर में हिंडन नदी पर लकड़ी के लट्ठों के पुल पार करने में ग्रामीणों को जोखिम उठाना पड़ रहा है। भाकियू के धरने प्रदर्शन के बाद चार महीने पूर्व मौके पर ह्यूम पाइप लाकर डाल दिए लेकिन विभाग ने इन्हें लगाने की जहमत तक नहीं उठाई। ग्रामीणों का कहना है कि पुल से फिसलने पर किसी की जान भी जा सकती है।
बुधवार को भाकियू नेता एवं जिला पंचायत सदस्य के प्रतिनिधि विकास शर्मा एवं ग्राम प्रधान ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे और फोन पर अधिकारियों से बात कर पाइप लगाकर ग्रामीणों की दिक्कत खत्म कराने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि खेतों में जाने वाले किसान खासकर महिलाएं एवं बच्चों को खेतों में जाने के लिए नदी पार करने में लकड़ी के जर्जर पुल से गुजरना पड़ता है। जोखिम उठाकर जंगलों से पशुओं के लिए घास एवं फसलों को ढोना पड़ता है।
पिछले साल नदी में घुसकर भाकियू नेताओं के साथ ग्रामीणों ने विरोध-प्रदर्शन किया था। कई महीनों तक विभाग चैन की नींद सोता रहा। करीब चार महीने पूर्व पाइप भिजवाए लेकिन नदी में लगाकर अस्थायी पुल नहीं बनवाया गया। मोबाइल फोन पर अधिकारियों ने जल्द अस्थायी पुल बनवाने का आश्वासन दिया। बृजपाल सिंह, नैन सिंह, ग्राम प्रधान हैदर रजा, मान सिंह, किरण कुमार रविंद्र कुमार मौजूद रहे।