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दबंगों के चंगुल से भ्ााग आया अक्षय

Sat, 18 Feb 2017 12:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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महिमा आत्महत्या प्रकरण में बयान दर्ज कराने जाती पीडि़त मां। - फोटो : अमर उजाला
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मुजफ्फरनगर।  दबंगों के कब्जे से भाई की रिहाई न होने से आहत ग्रेजुएशन की छात्रा महिमा की खुदकुशी के बाद बृहस्पतिवार देर रात उसका भाई अक्षय अचानक घर लौट आया।     उसने बताया कि  मौका मिलते ही वह दबंगों के चंगुल से भाग निकला, आैर किसी तरह से घर पहुंचा। उधर,  महिमा के अंतिम संस्कार से पहले ही अपने बचाव के लिए दबंगों ने लिखित में सुलहनामा लिखवा लिया। अंतिम संस्कार के दौरान भी आरोपी मौके पर जमे रहे और अंत्येष्टि के बाद मृतका के पिता को अपने साथ गाड़ी में ले गए। इस दौरान विश्वकर्मा समाज के लोगों ने जमकर विरोध भी किया।       
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नईमंडी कोतवाली के मोहल्ला अंकित विहार की छात्रा महिमा विश्वकर्मा ने दबंगों के कब्जे से भाई अक्षय की रिहाई नहीं होने पर बृहस्पतिवार दोपहर घर में ही छत के पंखे से लटक कर जान दे दी थी। मृतका की मां संजू देवी ने 14 फरवरी को एसएसपी और डीजीपी को प्रार्थना पत्र देकर गांव पचेंडा कलां निवासी दबंगों पर पति देव प्रकाश और बेटे अक्षय को अगवा कर बंधक बनाने का आरोप लगाया था। लखनऊ से जुड़ी लूट की वारदात के बाद सुर्खियों में आए मामले में आरोपियों ने पिता को नईमंडी कोतवाली पुलिस को सौंप दिया था। संजू देवी के मुताबिक दबंगों का पीड़ित परिवार पर कैसे भी साढ़े चार लाख रुपये का इंतजाम करने का दबाव था। मां-बेटी को बेइज्जत करने की धमकी दी गई थी, जब कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई तो आहत बेटी महिमा ने खुदकुशी कर ली। पुलिस पूरे मामले में बैकफुट पर नजर आई। पोस्टमार्टम के बाद एंबुलेंस सीधे बृहस्पतिवार देर रात शमशान घाट पहुंच गई। 

विश्वकर्मा समाज के लोगों ने विरोध जताया तो नई मंडी पुलिस शव को लेकर अंकित विहार पहुंची। वहां पहले से ही आरोपी दबंग अपने साथियों के साथ डेरा जमाए थे। मामले में दबाव बढ़ा तो रात के एक बजे बंधक बनाया गया भाई अक्षय घर लौट आया। शुक्रवार सुबह दाह संस्कार से पहले अंकित विहार में विश्वकर्मा समाज के लोगों की भीड़ जुट गई। भाजपा नेता संजय उर्फ बोनी धीमान ने दबंगों की मौजूदगी का विरोध जताया। आरोपियों ने सुलहनामे के लिए पिता देवप्रकाश पर दबाव बनाया। लिखित में स्टांप पर मामले को रफा-दफा कराने का खेल खेला गया। नईमंडी के शमशान घाट पर भी आरोपी जमे रहे। अंत्येष्टि की क्रिया भाई अक्षय ने पूरी की।       
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इसके बाद आरोपियों ने मृतका के पिता को अपनी गाड़ी में बैठाया तो विश्वकर्मा समाज के लोगों ने विरोध जताया, लेकिन आरोपी उसे अपने साथ ले गए। देव प्रकाश के पिता शामली निवासी रामस्वरुप जांगिड ने आरोप लगाया कि दबंगों ने उनके बेटे को डरा-धमका रखा है। पोता अक्षय भी भयभीत है।  अक्षय ने भय की दास्तां बयां की। उसने बताया कि लखनऊ में पिता से कंपनी की रकम लूट लिए जाने के बाद उनके परिवार का उत्पीड़न शुरू हुआ।

लखनऊ के होटल में उसे बंधक बनाकर रखा गया। शमशान घाट पर शहर विधायक कपिलदेव अग्रवाल, बीजेपी जिलाध्यक्ष रुपेंद्र सैनी, जिला बार संघ अध्यक्ष प्रमोद त्यागी, भाजपा नेता जगदीश पांचाल, सरदार बलविंदर सिंह, सेवाराम धीमान, शांता प्रकाश शास्त्री, नरेश विश्वकर्मा, जनार्दन विश्वकर्मा, शेरपाल पांचाल, मास्टर निर्मल सिंह, विजेंद्र धीमान, उमेश धीमान, सुरेंद्र, प्रदीप, अरुण मौजूद रहे।  उधर, देर शाम मृतक की मां की ओर से आरोपियों के खिलाफ मां-बेटी का उत्पीड़न करने और धमकाने की तहरीर दी गई है।  

पीडि़़त परिवार को मिलेगा न्याय ः आयोग

मुजफ्फरनगर। उप्र पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष राम आसरे विश्वकर्मा ने अंकित विहार की घटना को गंभीरता से लिया है। उन्होंने इस प्रकरण में एसएसपी से बात कर अब तक कार्रवाई नहीं होने का कारण पूछा। यह भी कहा कि पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली की भी जांच होगी। अंकित विहार के विश्वकर्मा परिवार पर जुर्म के मामले में प्रदेश का पिछड़ा वर्ग आयोग सक्रिय हो गया है। आयोग के अध्यक्ष रामआसरे विश्वकर्मा ने पूरी घटना को लेकर एसएसपी बबलू कुमार से बात की और अब तक कार्रवाई नहीं होने का कारण पूछा। रामआसरे विश्वकर्मा ने बताया कि मामले में कोई कितना ही बड़ा आदमी शामिल क्यों न हो, पीड़ित परिवार को हर हाल में न्याय मिलेगा। पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य ब्रजराज सैनी को तुरंत पीड़ित परिवार से मिलने और पूरी जानकारी आयोग को देने के लिए कहा गया है। पुलिस की समस्त कार्रवाई जांच के घेरे में होगी। जिन पुलिस कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है, वे बचेंगे नहीं।

तीन घंटे की पूछताछ

एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह और एलआईयू निरीक्षक ने करीब तीन घंटे तक अक्षय से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। एसएसपी बबलू कुमार ने मृतका महिमा की मां संजू देवी से हुए घटनाक्रम का     तिथिवार ब्यौरा लिया। कप्तान ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। महिमा की आत्महत्या के मामले में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।            
बेटी की मौत से गमजदा मां संजू देवी ने एसएसपी बबलू कुमार से महिमा की आत्महत्या के दोषी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी। बीते दस दिनों से उत्पीड़न झेल रही संजू देवी ने तहरीर में बताया कि एक बड़े मंत्री के दबाव में पुलिस ने हमारी एक नहीं सुनी और आरोपी मनमर्जी करते रहे।

पचेंडा कलां के युधिष्ठर पहलवान, अर्जुन पहलवान, डॉक्टर डबास और ब्लू रिवालेशन कंपनी के पार्टनर विनोद पहलवान ने मेरी बेटी और मुझे धमकाने के लिए मेरे घर गुंडे भेजे। साढ़े चार लाख रुपये नहीं देने पर बेटी को उठाने की धमकी दी। मेरे पति देव प्रकाश से आरोपियों ने जबरन समझौते पर हस्ताक्षर करा लिया। 16 फरवरी की रात मेरा बेटा लखनऊ से घर लौटा। मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर मेरी और परिवार की जानमाल की सुरक्षा की जाए। संजू देवी ने आरोप लगाया कि 14 फरवरी को एसएसपी बबलू कुमार को दी गई तहरीर में संजीव बालियान के करीबियों पर उसके पति और पुत्र को बंधक बनाने का आरोप लगाया था। पीड़िता ने कैमरे पर बालियान से उसके पति को छुड़वाने की गुहार लगाई थी।  एसएसपी ने कहा कि परिवार की सुरक्षा के लिए पुलिस लाइन से दो आरक्षियों की तैनाती पीड़िता संजू देवी के आवास पर करा दी गई है। उन्होंने नई मंडी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक को निर्देशित किया कि आरोपी यदि पीड़िता के आवास अंकित विहार में दिखाई दें तो उन्हें हिरासत में ले लिया जाए। 

बेवजह घसीटा जा रहा नाम ः संजीव बालियान
मुजफ्फरनगर। केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने इस मामले में लग रहे आरोपों पर अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि इस परिवार से मेरा कोई ताल्लुक नहीं है, न ही ये लोग कभी मुझसे मिले। एसएसपी को फोन करने की बात भी निराधार है। मैंने किसी पुलिस अधिकारी से कोई बात नहीं की है। इस परिवार का जिसने भी उत्पीड़न किया है, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मछली के धंधे से  मेरा दूर तक भी वास्ता नहीं है। कुछ विरोधी पार्टियों के लोग इस प्रकरण में मेरा नाम घसीट रहे हैं।       
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