मुजफ्फरनगर। अल्पसंख्यक समुदाय के युवक से निकाह कर बरसों से रही दलित महिला की खेड़ी फिरोजाबाद में मौत पर बवाल हो गया। मायके पक्ष ने हत्या का आरोप लगाया। इस पर पुलिस ने दफनाने जा रहे लोगों से शव कब्जे में लेने की कोशिश की।
गुस्साई भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया और पुलिस खदेड़ दी। पुलिस दोनों पक्षों से बात कर मामला शांत करने में जुटी हुई है।
शहर के रामलीला टिल्ला मोहल्ले में कृष्णपाल दलित का परिवार रहता है। उनकी बेटी रेखा का करीब दस साल पहले ककरौली थानाक्षेत्र के गांव खेड़ी फिरोजाबाद निवासी आलम से प्रेम प्रसंग हो गया था। परिजनों के विरोध के बावजूद रेखा ने आलम से प्रेम विवाह कर लिया था।
रेखा ने अपना नाम बदलकर इलमा रख लिया था। दोनों पति पत्नी के रूप में खेड़ी फिरोजाबाद में रह रहे थे। आलम काम सीखकर झोलाछाप डॉक्टर बन गया था। इलमा और आलम मिलकर जौली में क्लीनिक चलाने लगे थे। इलमा के तीन बच्चे थे और फिलहाल वह आठ माह के गर्भ से थी।
सोमवार की सुबह इलमा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजन और अल्पसंख्यक समुदाय के लोग शव को दफनाने की तैयारी कर रहे थे। महिला की मौत की जानकारी पर कृष्णपाल ने पुलिस को सूचना दे दी। ससुराल पक्ष पर इलमा की हत्या का आरोप लगाया।
कृष्णपाल और उसके परिवार के साथ पुलिस मौके पर पहुंची। पोस्टमार्टम कराने के लिए शव को कब्जे में लेने की बात कही। इस पर अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की भीड़ भड़क गई। शव देने से इंकार कर दिया।
कृष्णपाल समेत पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस और दलित समुदाय के लोग बमुकिश्कल जान बचाकर लौटे। बाद में सीओ सूक्ष्म प्रकाश और थाना प्रभारी योगेश शर्मा गांव के गणमान्य लोगों से बात करने के बाद गांव पहुंचे। कृष्णपाल का कहना था कि बेटी की हत्या की गई है। पुलिस दोनों पक्षों से बातचीत कर मामला शांत करने में जुटी है।