जागाहेड़ी में किसान के परिवार पर हुए हमले का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। वारदात को सरिया मार गिरोह ने अंजाम दिया था। पुलिस ने गिरोह के तीन बदमाशों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। बदमाशों ने पिता-पुत्र को घायल कर दिया था और महिला पालंती देवी की हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने पिता-पुत्र सहित तीनों बदमाशों को जेल भेज दिया है।
जागाहेड़ी गांव में दो मई की रात बदमाशों ने किसान सुखबीर सिंह के घेर में घुसकर हमला बोला था। हमले में सुखबीर और उसका पुत्र बिजेंद्र तो गंभीर रूप से घायल हो गए थे और सुखबीर सिंह की पत्नी पालंती देवी की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।
तीन मई सुबह सुखबीर का दूसरा पुत्र घेर में आया तो उसे घटना के बारे में पता चला। किसान के दूसरे पुत्र शिवकुमार ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। सोमवार को तितावी पुलिस ने इस वारदात का खुलासा करते हुए तीन बदमाशों को मीडिया के सामने पेश किया।
पुलिस के अनुसार पकड़े गये तीनों बदमाश सरिया मार (छयमार) गिरोह के सदस्य है। एसओ तितावी मुनेंद्र सिंह ने बताया कि रविवार शाम करीब पांच बजे मुखबिर की सूचना पर जागाहेड़ी के जंगल मे पुलिस ने छापा मारा। बाग से तीन संदिग्धों को पुलिस ने दबोच लिया। तलाशी लेने पर पुलिस को उनके पास से तीन छुरी मिली।
पूछताछ में तीनों ने जागाहेड़ी की घटना का भी खुलासा कर दिया। उन्होंने अपने नाम अहसान उर्फ जुगनू आलमनगर गंगोह, सहारनपुर बताया। अहसान 2012 में हरदोई से पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था और उस पर बाराबंकी के थाना मसौली से 5000 रुपये का भी इनाम घोषित है। दूसरा बदमाश फैसल उर्फ पालेखान है जो कि अहसान का ही लड़का है।
पालेखान भी करीब 2 वर्ष पूर्व गाजियाबाद से पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। दोनों पिता-पुत्र घटनाओं को करने के दौरान एक साथ रहते हैं। तीसरा बदमाश दिलवान हसन पुत्र तौकीर मक्खनपुर थाना बिलौर कानपुर देहात का निवासी है, जो की काफी समय से आलमनगर गंगोह में रह रहा था। पुलिस ने तीनों को जेल भेज दिया है।
कुछ नहीं मिलने पर मारा था पालंती को
जागाहेड़ी में सुखबीर के घेर में बदमाशों ने लूट करने के इरादे से धावा बोला था, लेकिन वहां कुछ नहीं मिलने पर बदमाश हिंसक हो गए और पालंती देवी की हत्या कर दी। घटना से कई दिन पूर्व बदमाशों ने गांव में घूमने के दौरान मृतका पालंती और दूसरी महिला को जेवर पहने देखा था।
इसके बाद बदमाशों ने सुखबीर के यहां लूट की योजना बनाई गई । दो मई की रात को तीनों बदमाश लूट के इरादे से घेर मे घुस गये और वहां जेवर आदि नहीं मिलने पर गुस्से में तीनों ने पालंती देवी की हत्या कर दी और उसके पति और पुत्र पर हमला करने के बाद दोनों को घायल कर दिया।
छह हत्या करने पर होती है सगाई
बदमाशों ने बताया कि छह हत्याएं करने के बाद इनके समाज में सगाई होती है, बीस की हत्या करने पर शादी और साठ को मारने पर गिरोह का सरदार बनाया जाता है । घटना करने वाली जगह पर जो भी हथियार मिलता है उसी से वार कर देते हैं।
सड़क किनारे ही अपने घोड़ों के साथ रुकते हैं । लूट डकैती की घटनाओं को अंजाम देने से पहले उस जगह की अच्छी तरह से रेकी कर लेते हैं । अधिकतर उन घरों को निशाना बनाया जाता है जो मकान गांव से बाहर होते हैं। रेकी के दौरान भीख मांगने के बहाने से ये देखते हैं की परिवार की किस महिला के पास ज्यादा सोने चाँदी के जेवर है ।
उसके बाद किसी भी दिन मौका पाकर घटना को अंजाम दिया जाता है। ठीक इसी तरह से जागाहेड़ी की घटना को अंजाम दिया गया। एसओ मुनेंद्र सिंह ने बताया की पालेखान बहुत शातिर किस्म का अपराधी है, घटना के दौरान ये महिला या लड़कियों के साथ बलात्कार भी करता है।