फास्ट ट्रैक कोर्ट तृतीय ने एक महिला और उसके प्रेमी को दस-दस साल के कारावास एवं जुर्माना की सजा सुनाई है। महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अवैध संबंधों में बाधक बने पति को अपहरण कर गायब करा दिया था।
थाना छपार पर क्षेत्र के गांव कासमपुर पठेड़ी निवासी समोली ने 29 सितंबर 2003 को अपहरण का मुकदमा दर्ज कराते हुए अपने बेटे की हत्या की आशंका जताई थी। बताया था कि बेटे सुक्का को उसकी पत्नी पेंदर ने अपने प्रेमी संजय, पीतम पुत्रगण मांगेराम के साथ मिलकर अपहरण कर गायब कर दिया है।
उसके बेटे सुक्का को मुजफ्फरनगर की फैक्ट्री में नौकरी दिलाने का झांसा देते हुए आरोपी उसके गांव से मुजफ्फरनगर ले आए थे और नगर की बचन सिंह कॉलोनी में रहने लगे थे। सुक्का की पत्नी पेंदर के अवैध संबंध संजय से बन गए थे। जिसमें सुक्का बाधक बन रहा था। आरोप था कि उसके बेटे की हत्या कर दी गई है, मगर पुलिस को उसकी लाश नहीं मिली थी।
मुकदमे की सुनवाई एडीजे मनोज कुमार मिश्रा की अदालत फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या तीन में हुई। जिसमें सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नरेश कुमार शर्मा ने कोर्ट में छह गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त संजय और पेंदर को धारा 364/120बी के तहत दोषी करार देते हुए 10 -10 वर्ष का कारावास एवं 10-10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। तीसरे अभियुक्त पीतम की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी। सजा सुनाने के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।