खतौली में भाजपा नेता की हत्या के खुलासे को लेकर वाल्मीकि समाज के लोगों ने नामजद आरोपियों को जेल भेजने की मांग को लेकर घंटों कोतवाली में धरना दिया। पुलिस ने हत्या में शामिल दानिश का परिजनों से सामना कराया। पीड़ित परिजनों ने जेल में बंद गौरा को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने तथा अन्य फरार आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की। पीड़ित परिजनों ने इसके लिए पुलिस को एक सप्ताह का समय दिया। इस दौरान महिलाओं ने पुलिस से कच्ची शराब की बिक्री बंद कराने की भी मांग रखी।
राजा वाल्मीकि की हत्या के खुलासे को लेकर बुधवार सुबह से कोतवाली में वाल्मीकि समाज के लोगों ने धरना देना शुुरू कर दिया था। धरने में भाजपा कार्यकर्ता भी शामिल रहे। वाल्मीकि समाज के लोगों ने हत्याकांड का खुलासा करने तथा नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर कोतवाली में हंगामा किया।
सीओ राजीव कुमार गौतम व इंस्पेक्टर केपी सिंह ने पीड़ित परिजनों को हत्याकांड का खुलासा करने से पूर्व मृतक के पिता बाबूलाल, भाई राणा प्रताप समेत भाजपा नेता मदन छाबड़ा, सभासद उमेश कुमार, प्रदीप वाल्मीकि, संतलाल वाल्मीकि, सुधीर वाल्मीकि, सुंदरलाल आदि को अपने साथ मंसूरपुर की बेगराजपुर पुलिस चौकी पर ले गए। चौकी पर क्राइम ब्रांच की टीम ने राजा हत्याकांड में पकड़े गए दानिश से परिजनों का सामना कराया।
बदमाश की बातों से परिजन संतुष्ट होकर कोतवाली में पहुंचे। धरने पर पहुंचकर बाबूलाल ने बताया कि पकड़ा गया बदमाश घटना का खुलासा कर रहा है। इसके बावजूद उनकी मांग है कि हत्या की साजिश रचने वाले गौरा को जिला कारागार से रिमांड पर लिया जाए और उससे सख्ती से पूछताछ की जाए। आरोपी राजू व उसके बेटे को भी तुरंत गिरफ्तार किया जाए। इंस्पेक्टर केपी सिंह ने धरने पर पहुंचकर पीड़ित परिजनों से एक सप्ताह का समय मांगते हुए आश्वासन दिया कि गौरा को रिमांड पर लिया जाएगा।
इंस्पेक्टर के आश्वासन पर वाल्मीकि समाज के लोगों ने कोतवाली में करीब तीन घंटे बाद धरना समाप्त किया। इस दौरान लोगों ने कच्ची शराब बंद करने की मांग की। प्रशासन ने वाल्मीकि समाज के हंगामा करने पर सख्ती से निपटने के लिए थाना जानसठ, रतनपुरी, सिखेड़ा, मंसूरपुर से पुलिस फोर्स और पीएसी बल को कोतवाली में तैनात कर दिया गया था।
बदमाश दानिश के परिजनों ने हंगामा काटा
खतौली। राजा हत्याकांड में पकड़े गए दानिश के परिजनों ने पुलिस पर षड्यंत्र तहत फंसाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। मां व बहनों का आरोप था कि पुलिस ने मंगलवार की रात को मोदीपुरम स्थित उनके मकान से दानिश को उठाया था। बुधवार की सुबह वे कोतवाली में पहुंची तो उनको दानिश से मिलने से मना कर दिया गया।
उन्होंने 100 नंबर डायल कर सूचना भी दी थी कि पुलिस दानिश को उठाकर लाई है और उसके बारे में नहीं बता रही कि उसको कहां रखा गया है। दानिश के परिजनों ने करीब एक घंटे तक कोतवाली में हंगामा रखा। पुलिस से सहायता नहीं मिलने पर सभी वापस लौट गए और फिर वे वापस अपने घर चले गए।