गांव मुथरा के जंगल में करीब एक साल पूर्व संदिग्ध हालात में शफात नामक युवक को लगी गोली साजिश के तहत उसी के साथी के तमंचे से निकली थी, जिसका मकसद रंजिश के चलते दूसरे पक्ष को फंसाना था। हालांकि यह साजिश तब भारी पड़ी, जब मामूली जख्म करने के लिए चलाई गई गोली शफात को गलत जगह लग गई, जो उसकी जान ले बैठी। वारदात के करीब एक साल बाद पुलिस पूरी साजिश का भंडाफोड़ करते हुए शफात के उक्त साथी को गिरफ्तार कर लिया है।
शामली जनपद के थानाभवन क्षेत्र के गांव जलालाबाद निवासी शफात 28 सितंबर 2017 को गांव मुथरा के निकट संदिग्ध हालात में गोली लगने से घायल हो गया था। उसे जिला अस्पताल से मेरठ रैफर किया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। शफात हत्याकांड को लेकर उस समय काफी हंगामा भी हुआ था, जिसकी एफआईआर शहर कोतवाली में दर्ज की गई थी।
इंस्पेक्टर अनिल कपरवान ने बताया कि शफात हत्याकांड की जांच में काफी चौंकाने वाले तथ्य सामने आए, जिनके आधार पर बृहस्पतिवार को शफात के साथी रहे जलालाबाद के ही शारिक को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि शफात पक्ष की जलालाबाद के ही दूसरे पक्ष से रंजिश चल रही थी, जिसमें शफात पक्ष के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज है।
उस मामले में शफात के कई परिजन जेल में बंद हैं। इंस्पेक्टर के अनुसार इसी मामले में दूसरे पक्ष पर फैसले का दबाव बनाने के लिए शफात ने अपने साथी शारिक के साथ उन्हें कातिलाना हमले के झूठे मुकदमे में फंसाने की साजिश रची। इसके तहत दोनों 28 सितंबर को मुथरा के पास पहुंचे, जहां शफात ने साथी शारिक को तमंचा देकर उसे अपने ऊपर गोली चलाने को कहा।
उक्त गोली इस तरह चलाई जानी थी कि शफात को मामूली जख्म ही आए, लेकिन गोली चलाते समय शारिक का हाथ बहक गया, जिससे गोली शफात को ऐसी जगह जा लगी, जो उसकी जान के लिए खतरा बन गई। नतीजतन दूसरे पक्ष को फंसाने की इस साजिश में शफात को अपनी जान गंवानी पड़ गई थी। घटना के बाद शफात पर गोली चलाने वाला उसका साथी शारिक फरार हो गया था, जिसे बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया है।