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एलएलबी पास दो भाइयों ने 69 लाख हड़पने को थी महिला वकील की हत्या

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एलएलबी पास दो भाइयों ने 69 लाख रुपये की देनदारी से बचने के लिए महिला अधिवक्ता सीमा शर्मा की गर्दन काटकर हत्या की थी। बृहस्पतिवार को पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया। इनमें से एक खुद को अखबार का संपादक बताता है और दूसरा कंप्यूटर का काम करता है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त चाकू, कार, दो बाइक और खून से सने कपड़े बरामद कर दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।
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सिविल लाइंस में शराब गोदाम के सामने वाली गली स्थित किराये के घर में 19 अगस्त की सुबह महिला अधिवक्ता सीमा शर्मा का शव मिला था। उनकी गर्दन काटकर अलग कर दी गई थी। एसपी क्राइम डॉ. रमेश भारतीय ने बृहस्पतिवार को इसका खुलासा करते हुए बताया कि रामपुर में थाना हरसूनगला के गांव गदइया निवासी वेदप्रकाश और उसके भाई सत्यवीर उर्फ शिवम ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया था। वर्तमान में वेदप्रकाश बारादरी के चंद्रगुप्तपुरम् में किराये पर और सत्यवीर हाल ही में जगतपुर में सीमा शर्मा के रुपयों से खरीदे मकान में रहता है। सीमा शर्मा का वेदप्रकाश से करीब डेढ़ साल पहले परिचय हुआ था। वह उसे अपना भतीजा मानने लगीं थीं। वेदप्रकाश ने सीमा से रामपुर की प्रॉपर्टी बेचने से मिले 69 लाख रुपये ब्याज पर उठाने की बात कहकर ले लिए। इनमें से 36 लाख रुपये पांच प्रतिशत ब्याज पर और बाकी 21 हजार रुपये प्रतिदिन के ब्याज पर उठा दिए। कुछ दिनों से वेदप्रकाश ने सीमा को ब्याज के रुपये देने बंद कर दिए। उसने उनके रुपये से 13 लाख रुपये का जगतपुर में मकान और नेशनल हाईवे पर 300 वर्गगज का प्लाट खरीद लिया। सीमा ने रुपये वापसी का दबाव बनाया तो वेदप्रकाश ने अपने भाई सत्यवीर से मिलकर उनकी हत्या की योजना बना ली। 17 अगस्त की रात करीब 9:30 बजे पहले वेदप्रकाश सीमा के घर पहुंचा फिर उसने सत्यवीर को बुला लिया। सीमा ने तीनों के लिए चाय बनाई। जब वह चाय के कप टेबल पर रख रही थीं तभी दोनों ने उन्हें पकड़कर गिरा लिया। वेदप्रकाश ने सीमा के हाथ पकड़ लिए और सत्यवीर ने चाकू से उनका सिर काटकर धड़ से अलग कर दिया।

हत्या के बाद चुरा लिए सबूत
सीमा की हत्या के बाद आरोपियों ने उनके घर में रखी हिसाब की डायरी और तीनों मोबाइल चुरा लिए। इसके बाद दोनों भाई अलग-अलग बाइक से अपने घर पहुंचे। अगले दिन कार में खून से सने कपड़े, मोबाइल और चाकू आदि रखकर ठिकाने लगाने के लिए कांवड़ लेने के बहाने हरिद्वार रवाना हुए। रास्ते में बहगुल नदी में सीमा के मोबाइल तोड़कर फेेंक दिए। चाकू और खून से सने कपड़े भी एक जगह फेंक दिए। वहां से लौटकर गांव के मंदिर में भंडारा भी किया, मगर पकड़े गए।
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140 रुपये के चाकू से किया भरोसे का कत्ल
सीमा शर्मा को वेदप्रकाश पर काफी भरोसा था इसलिए वह उसे अपना भतीजा मानती थीं। मगर रुपयों के लालच में वेदप्रकाश ने भाई के साथ मिलकर उनका कत्ल कर दिया। उनकी हत्या करने के लिए नानकमत्ता से करीब छह महीने पहले 140 रुपये में खरीदकर लाए गए चाकू का इस्तेमाल किया।

दो मामलों में पहले भी जेल जा चुका है वेदप्रकाश
वेदप्रकाश का आपराधिक इतिहास रहा है। वह पहले भी दो बार जेल जा चुका है। वर्ष 2015 में कटरा चांद खां निवासी आरटीओ ऑफिस के बाबू सुधीर तिवारी का बेटा लापता हुआ था। उसकी गुमशुदगी के पोस्टर देखकर वेदप्रकाश ने ढाई लाख की रंगदारी मांगी तो पुलिस ने उसे पकड़कर जेल भेज दिया। इसके अलावा एक बार वह थाना बिथरी चैनपुर इलाके में लूट के मामले में भी जेल जा चुका है।

ऐसे हुआ खुलासा
इस मामले में खुलासे के लिए कोतवाली पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच की सर्विलांस और इंटेलिजेंस विंग को लगाया गया था। सीमा के मोबाइल पर सबसे ज्यादा कॉल वेदप्रकाश की मिलीं और घटना के बाद दो दिन से वह गायब था। इसके बाद पुलिस ने उसकी कॉल डिटेल निकाली तो उसके भाई की बातचीत सामने आई। तब दोनों को पकड़ा गया। इस तरह मामले का खुलासा हो गया। खुलासा करने वालों में कोतवाली इंस्पेक्टर गीतेश कपिल, क्राइम ब्रांच से जावेद खान, अब्बास हैदर और गिरीश जोशी शामिल रहे।
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