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रंजिश में चाचा की गोली मारकर की हत्या 

Fri, 08 Apr 2016 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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जड़ौदा में वृद्ध की हत्या के बाद मौके पर पहुंची पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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जड़ौदा गांव में रंजिश के चलते भतीजे ने साथी के साथ मिलकर अपने चाचा की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देकर हत्यारोपी फरार हो गए। शव उठाने को लेकर एक दरोगा ने मृतक के भाई से अभद्रता कर दी। जिसको लेकर ग्रामीणों की पुलिस के साथ हाथापाई हुई।
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गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस को दौड़ा लिया। सूचना पर एसपी सिटी संतोष कुमार मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पुलिस को आधा घंटे तक शव उठाने नहीं दिया। एसपी सिटी के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए, तब कहीं जाकर ग्रामीणों ने शव उठाने दिया। घटना को लेकर दोनों पक्षों में तनाव व्याप्त है। गांव में पीएसी बल तैनात कर दिया गया है।

मंसूरपुर क्षेत्र के गांव जड़ौदा निवासी दीन मोहम्मद (60) पुत्र अब्दुल गफूर बृहस्पतिवार को खेतों से गन्ने से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर घर आ रहा था। ट्रॉली के पीछे करीब सौ मीटर की दूरी पर दीन मोहम्मद का भाई रब्बान साथ में मजदूरों को लेकर बुग्गी से आ रहा था। गांव मोल्लाहेड़ी मार्ग पर ईख के खेत से भतीजा जुनैद पुत्र मेहरबान अपने साथी के साथ तमंचे लेकर बाहर निकला।
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भतीजे जुनैद ने ट्रैक्टर पर चढ़कर चाचा दीन मोहम्मद के सिर में सटाकर गोली मार दी। गोली लगने से दीन मोहम्मद की मौके पर ही मौत हो गई। ट्रैक्टर ट्रॉली अनियंत्रित होकर खाई में जाकर पलट गया। गोली मारने के बाद भतीजा जुनैद और उसका साथी ईख के खेतों में घुस गए। दीन मोहम्मद की हत्या को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। सूचना मिलने पर मंसूरपुर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची।

पुलिस शव उठाने लगी तो ग्रामीणों ने हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शव उठाने से इंकार कर दिया। शव उठाने को लेकर एक दरोगा ने मृतक के भाई निजामुद्दीन से अभद्रता कर दी। जिसको लेकर ग्रामीण भड़क उठे। ग्रामीणों ने पुलिस के साथ हाथापाई की। आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस को काफी दूर तक दौड़ा लिया। सूचना मिलने पर एसपी सिटी संतोष कुमार मिश्रा पीएसी बल के साथ मौके पर पहुंचे।

एसपी सिटी ने समझाने का प्रयास किया तो ग्रामीण का कहना था कि जब तक हत्यारे गिरफ्तार नहीं होंगे, तब तक वे शव उठने नहीं देंगे। एसपी सिटी ने हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत किया। आश्वासन के बाद ही ग्रामीणों ने आधा घंटे बाद शव को उठाने दिया। मृतक के बेटे सुहेल ने थाने में जुनैद और उसके अज्ञात साथी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। घटना के बाद से दोनों पक्षों के लोगों में तनाव व्याप्त है। तनाव को देखते हुए गांव में पीएसी बल तैनात कर दिया गया है।

गवाही नहीं देने का दबाव बना रहा था 
 मंसूरपुर। हत्यारोपी जुनैद ने 25 फरवरी को पारिवारिक रंजिश में अपने चाचा सपा के जिला सचिव हाजी शकील को गोली मारकर घायल कर दिया था। जिसमें जुनैद, उसके भाई जुबैर और पिता मेहरबान को नामजद कराया था। पुलिस ने नामजद पिता मेहरबान और बेटे जुबैर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हत्यारोपी जुनैद उसी दिन से फरार चल रहा था।

इस मुकदमे में मृतक दीन मोहम्मद का बेटा सुहैल गवाह था। मृतक परिजनों का कहना है कि हत्यारोपी जुनैद चाचा दीन मोहम्मद पर इस बात का दबाव बना रहा था कि वह अपने बेटे सुहैल को गवाही देने से रोक दे। इंकार करने पर हत्यारोपी दीन मोहम्मद से भी रंजिश रखने लगा था।

सात दिन पूर्व सुरक्षा की गुहार लगाई थी
मंसूरपुर। मृतक दीन मोहम्मद के पीड़ित परिजनों का कहना है कि हत्यारोपी जुनैद मुकदमे में गवाही देने पर लगातार जान से मारने की धमकी दे रहा था। पीड़ित परिजनों का कहना है कि धमकी से भयभीत होकर सात दिन पूर्व एसएसपी केबी सिंह से मिलकर उन्होंने परिवार की सुरक्षा करने की गुहार लगाई थी। इसके बावजूद पुलिस ने पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैय्या नहीं कराई थी।
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