भोपा/मोरना। पशु चिकित्सक की हत्या की सूचना मिलते ही कस्बे व देहात क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। कुछ ही देर में भोपा-मोरना व आसपास क्षेत्र के गांवों से सैकड़ों ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में कस्बे में जा पहुंचे और भोपा थाने में हंगामा शुरू कर दिया। भोपा गंगनहर, भेड्डाहेड़ी के सामने, मोरना मार्ग व अन्य संपर्क मार्गों पर जाम लगा दिया गया। मोरना में दुकानें बंद कराने को लेकर दो समुदाय के लोग आमने-सामने आने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जिससे अफरातफरी मच गई।
शनिवार को आरोपी कामिल द्वारा डॉ सतीश की हत्या कर दिए जाने का खुलासा होते ही लोगों में आक्रोश फैल गया। सुबह दस बजते-बजते कई गांवों के ग्रामीण भोपा थाने जा पहुंचे और कामिल से की गई पूछताछ की जानकारी मांगते हुए चिकित्सक की लाश बरामद किए जाने की मांग की। थाना परिसर में ही भीड़ कामिल को अपने हवाले कर देने की मांग करने लगी तो माहौल देख थाना पुलिस पूछताछ के लिए उसे क्राइम ब्रांच मुजफ्फरनगर ले जाने के बहाने से निकाल ले गई।
पुलिस टीम कामिल को लेकर लाश बरामद करने के लिए मीरापुर के गांव चुड़ियाला के बाहर रहने वाले बंगाली समाज की बस्ती में पहुंची, जहां से हत्या के बाद लाश फेंकने में इस्तेमाल किया गया रेहड़ा बरामद कर लिया गया। इसकी जानकारी मिलते ही गुस्साए लोगों ने भोपा में गंगनहर पुल पर पहुंचकर मुजफ्फरनगर मार्ग के साथ ही कांवड़ पटरी मार्ग पर भी जाम लगा दिया। इसके अलावा, भेड्डाहेड़ी के सामने व अन्य सभी संपर्क मार्गों पर भी जाम लगाते हुए कस्बे को एक तरह से सीज कर दिया गया।
भाकियू नेता पर गुस्सा उतारा
भोपा/मोरना। डॉ सतीश मलिक की हत्या की सूचना के बाद भोपा थाने में भारी भीड़ एकत्रित हो गई थी। भाजपा नेता डॉ वीरपाल निर्वाल, जिला पंचायत सदस्य हरीश राठी, भाजपा जिला उपाध्यक्ष अमित राठी, राजेश सहरावत, प्रधान सुक्रमपाल व भाकियू ब्लॉक अध्यक्ष योगेश कुमार भी थाने जा पहुंचे और भीड़ को समझाने का प्रयास किया। गंगनहर पर जाम लगाए जाने की सूचना पर एक भाकियू नेता वहां जा पहुंचे और जाम खुलवाने का प्रयास किया। इसे लेकर भीड़ ने उक्त भाकियू नेता को लताड़ पिलाई।