भोपा/मोरना। मोरना से लापता पशु चिकित्सक की लाखों के लेनदेन के विवाद में हत्या कर दी गई। वारदात से भोपा-मोरना में सांप्रदायिक तनाव व्याप्त हो गया। कई गांवों के ग्रामीणों ने भोपा थाने पर हंगामा करते हुए भोपा-मोरना के सभी मार्गों पर जाम लगाकर अपनी नाराजगी का इजहार किया। हत्या के विरोध में बाजार भी बंद हो गए। पुलिस मुख्य आरोपी को लेकर दिनभर डॉग स्क्वॉड के साथ जंगलों में छानबीन की। जिले के आला अधिकारी फोर्स व पीएसी के साथ मौके पर डटे रहे। शनिवार शाम दौलतपुर के जंगल से बोरे में बंद चिकित्सक का शव मिला।
मूल रूप से सिखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव नंगला मंदौड़ निवासी पशु चिकित्सक सतीश मलिक (47) पुत्र सतपाल वर्तमान में परिजनों के साथ मोरना में बहूपुरा रोड पर रहते थे। सतीश मलिक मार्केट से रुपये लेकर ब्याज पर चलाता था। गांव ककराला निवासी कामिल ने भी उससे मोटी रकम ली हुई थी। कुछ दिन से सतीश उक्त कामिल से अपने 12 लाख रुपये मांग रहा था।
शुक्रवार सुबह भी डॉ सतीश पत्नी गीता को कामिल के पास जाने की बात कहकर घर से निकला और लापता हो गया। सुबह नौ बजे उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ हो गया। शाम तक भी सतीश नहीं लौटा तो परिजनों ने भोपा थाने पहुंचकर सूचना दी, जिस पर पुलिस ने कामिल को शक के आधार पर हिरासत में ले लिया। शनिवार सुबह पुलिस की पूछताछ में कामिल ने सतीश की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली। सूचना मिलते ही लोगों में आक्रोश फैल गया।
कई गांवों के ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भोपा थाने जा पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। भोपा व मोरना के सभी मुख्य व संपर्क मार्गों पर भी जाम लगाते हुए सतीश की लाश बरामदगी की मांग शुरू कर दी गई। देखते ही देखते दोनों जगह के बाजार भी बंद हो गए और लोग सड़कों पर आ गए, जिससे सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने कामिल को साथ लेकर हत्या के बाद लाश ले जाने में इस्तेमाल किया गया रेहड़ा मीरापुर के गांव चुड़ियाला से बरामद कर लिया, जिसके बाद लाश की बरामदगी के लिए घंटों डॉग स्क्वॉड के साथ जंगलों की खाक खंगाली गई। एसएसपी सुधीर कुमार सिंह समेत एडीएम एफ आलोक कुमार समेत तमाम अफसर मौके पर डटे रहे। शाम दौलतपुर के जंगल से सतीश की बोरे में बंद लाश मिलने के बाद ही परिवार के सदस्यों पर गम का पहाड़ टूट पड़ा।