मुजफ्फरनगर। शहर से सटे सरवट गांव के मोहल्ला हाजीपुरा में करीब एक सप्ताह पूर्व विवाहिता की आत्महत्या के मामले में मुख्य आरोपी के पिता को भी जेल भेजने की मांग को लेकर लोगों ने एसएसपी ऑफिस पर जमकर हंगामा किया। एसएससी के आदेश पर हंगामा करने वाले एक युवक को हिरासत में लिए जाने पर भीड़ ने उसे छुड़ाने के लिए पुलिसकर्मियों से धक्कामुक्की और हाथापाई की। इस पर पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया, जिनका बाद में शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया गया। हंगामा के चलते काफी देर तक कप्तान के दफ्तर पर अफरातफरी का माहौल रहा।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के सरवट गांव के मोहल्ला हाजीपुरा निवासी नगमा पुत्री अनीस की शादी करीब आठ माह पूर्व शाहपुर क्षेत्र के गांव आदमपुर निवासी कासिफ से हुई थी। 18 अप्रैल को नगमा अपने मायके आई थी, जिसने 20 अप्रैल को घर के ऊपरी हिस्से के कमरे में खुद को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
विवाहिता की आत्महत्या के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा करते हुए पड़ोस में ही रहने वाले युवक पर आए दिन उसे परेशान करने, मोबाइल पर धमकी देने और शौहर को छोड़कर खुद से शादी करने का दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले में मुख्य आरोपी शाहवेज व उसके भाई शाहरुख को अगले दिन गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं, नगमा के परिजन मुख्य आरोपी के पिता को भी जेल भेजने की मांग कर रहे थे। बृहस्पतिवार को नगमा के परिजन ग्रामीणों के साथ एसएसपी ऑफिस पहुंचे और मुख्य आरोपी शाहवेज के पिता की भी गिरफ्तारी की भी मांग की।
उनका आरोप था कि पुलिस ने जान बूझ कर आरोपी को जेल नहीं भेजा। जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने पर लोग हंगामा करने लगे, जिस पर एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने एक युवक को हिरासत में लेने के आदेश दे दिए। जैसे ही पुलिस उक्त युवक को पकड़ कर सिविल लाइंस थाने जाने लगी, गुस्साई भीड़ ने आक्रोशित होते हुए उसे छुड़ाने का प्रयास किया।
भीड़ ने युवक को छुड़ाने के प्रयास में पुलिसकर्मियों के साथ भी हाथापाई और धक्कामुक्की कर दी, जिससे पुलिस ऑफिस पर हंगामा खड़ा हो गया। इस पर पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए भीड़ को खदेड़ते हुए उनमें से पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। बाद में सभी आरोपियों महमूदनगर निवासी अमीर अहमद पुत्र रमजानी व मुस्तकीम पुत्र अमीर अहमद के साथ ही मिमलाना रोड निवासी इरफान अलवी पुत्र फजरुद्दीन, सुभाषनगर निवासी इसरार पुत्र शब्बीर और हाजीपुरा निवासी वाजिद पुत्र इनाम का शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया गया।
सीओ सिटी हरीश सिंह भदौरिया ने बताया कि मामले में मुख्य दो आरोपियों को पुलिस जेल भेज चुकी है। जांच जारी है। मृतका के परिजन अन्य की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आए थे, जिन्होंने कार्रवाई के आश्वासन के बावजूद हंगामा किया। पांच आरोपियों का शांतिभंग की आशंका में चालान किया गया है।
छह माह से बना रहा था शादी का दबाव
मुजफ्फरनगर। हाजीपुरा निवासी शाहवेज पड़ोस में ही रहने वाली नगमा पर पिछले करीब छह माह से शौहर को छोड़कर अपने साथ शादी करने का दबाव बना रहा था। वह लगातार नगमा के पति, ससुर और अन्य ससुराल वालों को भी फोन कर नगमा को तलाक देने का दबाव बना रहा था। पीड़ित परिजनों का आरोप है कि नगमा की मौत से करीब एक सप्ताह पूर्व इस संबंध में शाहवेज के परिजनों को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन उन्होंने उल्टे उन्हीं को धमकाते हुए भगा दिया था। इसके बाद से नगमा के परिजन मुख्य आरोपी शाहवेज के परिजनों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।