अदालत ने दतियाना के मुनीर हत्याकांड में दो भाइयों सहित तीन लोगों को आजीवन कारावास के साथ जुर्माना की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक छपार थाने पर गांव दतियाना निवासी मुशर्रफ पुत्र मोहम्मद अमीर ने 12 नवंबर 2014 को हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
बताया था कि वह अपने छोटे भाई मुनीर और तहेरे भाई लड़के अफगन और मुजफ्फर पुत्र नजावर हुसैन के साथ ग्राम कसौली जा रहे थे। जैसे ही वे गांव में इरफान के घर के पास पहुंचे, तो वहां गांव के ही संजीव व प्रमोद पुत्रगण धर्मवीर एवं मोनू उर्फ सागर पुत्र प्रमोद एक फेरी वाले को पकड़कर उसके साथ मारपीट कर रहे थे।
उसके भाई मुनीर ने उन लोगों को ऐसा करने से रोका तो इन लोगों ने आगबबूला होकर मुनीर की गोली मार कर हत्या कर दी। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामसूध सिंह की कोर्ट संख्या-4 में हुई। जिला शासकीय अधिवक्ता यशपाल सिंह ने अदालत में छह गवाह और सबूत पेश किए।
न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त संजीव और प्रमोद पुत्रगण धर्मवीर तथा मोनू उर्फ सागर निवासीगण दतियाना को मुनीर की हत्या करने का दोषी करार देते हुए धारा 302 /34 के तहत आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 25-25 हजार रुपये जुर्माना, संजीव को धारा 25 आर्म्स एक्ट के तहत दो वर्ष का कारावास और दो हजार रुपये का जुर्माना, संजीव को ही 27 आर्मस एक्ट में तीन वर्ष का कारावास एवं तीन हजार रूपया का जुर्माना की सजा सुनाई है। तीनों बीते चार साल से जेल में बंद है।