शहर कोतवाली पुलिस की कार्यप्रणाली के चलते बेटी से छेड़छाड़ व घर पर हमले की तहरीर लेकर पहुंचा घायल पीड़ित 18 घंटे तक थाने की हवालात में बैठा रहा। मोहल्ले के लोगों के विरोध जताने पर पुलिस ने अगले दिन उसे छोड़ तो दिया, लेकिन मौके पर पकड़े गए छेड़छाड़ व घर पर हमले के आरोपियों के खिलाफ तहरीर दिए जाने के बावजूद उनका महज शांतिभंग की आशंका में चालान कर कार्रवाई की इतिश्री कर ली। खाकी की इस कार्यप्रणाली को लेकर लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी पीड़ित बेटी के पिता ने तहरीर देकर बताया कि पड़ोस के कुछ युवक कई महीने से उसकी कक्षा-नौ में पढ़ने वाली नाबालिग बेटी से छेड़छाड़ करते हैं। बुधवार को भी आरोपियों ने उसकी बेटी से छेड़छाड़ की, जिसकी शिकायत लेकर वह उनके घर पहुंचा तो आरोपियों ने उल्टे उसे ही पीट दिया।
इसके बावजूद मोहल्ले के कुछ लोगों ने सामाजिक बदनामी की बात कहते हुए दोनों पक्षों में समझौता करा दिया था। पीड़ित के अनुसार देर रात छेड़छाड़ के आरोपी 10-15 लोगों को लेकर बाइकों से उसके घर पहुंच गए और गालीगलौज करते हुए जबरन उनके घर में घुस गए। आरोप है कि हमलावरों ने पीड़ित दंपति को घर से बाहर खींचकर दोनों को बीच सड़क पर जमकर पीटा, जिससे दोनों लहूलुहान हो गए।
मोहल्ले के लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम को घटना की जानकारी देते हुए खुद आगे आकर हमलावरों से पीड़ित पति-पत्नी को बचाया। उधर, इसी दौरान मामले की जानकारी मिलने पर डायल-100 की गाड़ी मौके पर पहुंच गई और पांच लोगों को रंगेहाथ मौके पर पकड़ लिया, जबकि अन्य फरार हो गए। इसके बाद डायल-100 पीड़ित को आरोपियों के खिलाफ तहरीर लेकर थाने आने की बात कहकर हमलावरों को लेकर चली गई।
इसके कुछ देर बाद ही घायल पति-पत्नी भी मोहल्ले के लोगों के साथ हमलावरों के खिलाफ तहरीर लेकर थाने पहुंच गया। आरोप है कि पुलिस ने घायल दंपति का मेडिकल कराने के बजाय उल्टे तहरीर लेकर पहुंचने पर पीड़ित को ही पकड़कर हवालात में डाल दिया।
इस दौरान मोहल्ले के लोग भी उसके बेगुनाह होने की दुहाई देते हुए उसका मेडिकल कराए जाने की बात कहते रहे, लेकिन उन्हें हड़काते हुए वहां से भगा दिया गया। इसके बाद पूरी रात पीड़ित घायलावस्था में ही थाने की हवालात में बैठा रहा।
बृहस्पतिवार को एक बार फिर मोहल्ले के लोग थाने पहुंचे और उसे बेगुुनाह बताते हुए छोडऩे की मांग की, जिसके बाद आखिरकार पुलिस ने उसे छोड़ तो दिया, लेकिन पति-पत्नी का मेडिकल कराने की जहमत नहीं उठाई।
यही नहीं, पीड़ित पक्ष द्वारा तहरीर दिए जाने के बावजूद उसे रद्दी की टोकरी में डाल मौके पर पकड़े गए पांचों हमलावरों का महज शांतिभंग की मामूली धाराओं में चालान कर दिया गया, जिन्हें शाम होते-होते जमानत मिल गई। थाना पुलिस की इस कार्यप्रणाली को लेकर क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है।