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प्रॉपर्टी विवाद में हुई वसीम की हत्या

Sun, 06 Sep 2015 12:14 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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मुजफ्फरनगर। चरथावल के युवक वसीम की हत्या का खुलासा पुलिस ने शनिवार को कर दिया। पुलिस के अनुसार प्रॉपर्टी विवाद में परिजनों ने ही वसीम की हत्या कराई थी। पुलिस ने हत्या करने वाले तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों के पास से हत्या में इस्तेमाल किए गए दो तमंचे, एक इंडिका कार और मृतक का पर्स बरामद हुआ है।
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चरथावल मुर्दापट्टी निवासी युवक 23 वर्षीय वसीम पुत्र इश्तकार का गोली लगा शव पुलिस को 30 अगस्त को सिखेड़ा गंगनहर की पटरी पर काटका पुल के पास मिला था। पुलिस ने शनिवार को इस हत्या के केस का खुलासा कर दिया।

एसपी सिटी श्रवण कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता कर बताया कि वसीम का अपने परिजनों से 16 बीघा जमीन, प्लाट, पुश्तैनी मकान और पांच लाख रुपयों को लेकर विवाद चल रहा था। इस संपत्ति को हड़पने के लिए परिजनों ने चरथावल निवासी असलम से वसीम की हत्या कराने की बात कही।
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असलम ने सिखेड़ा थाने के हिस्ट्रशीटर इस्लाम से परिजनों की बात कराई। तीन लाख रुपये में सौदा होने के बाद दस हजार रुपये की पेशगी इस्लाम को दे दी गई। इस्लाम ने मृतक वसीम से पहले ही दोस्ती कर रखी थी। हत्या से पहले दिन आरोपी ने वसीम को काम दिलाने के बहाने अपने पास बुलाया और बाद में अपने दो साथियों काटका निवासी शाहनवाज और दाहखेड़ी निवासी दिलशाद के साथ मिलकर वसीम को इंडिका कार में गंग नहर पर काटका पुल के पास ले जाकर गोली मारकर हत्या कर दी।

एसपी सिटी ने बताया कि सर्विलांस टीम, नई मंडी सीओ कर्मबीर सिंह और एसओ सिखेड़ा सर्वेश कुमार की टीम ने मिलकर इस केस का खुलासा किया। तीनों के पास से दो तमंचे, वसीम का पर्स, आईडी और इंडिका कार बरामद की है। वसीम के चाचा, चचेरा भाई और अन्य परिजनों के खिलाफ विवेचना चल रही है।

पहली बार पकड़ा गया है इस्लाम
वसीम की हत्या का मुख्य आरोपी इस्लाम पुत्र मासूम सिखेड़ा थाने का हिस्ट्रीशीटर है। एसओ सिखेड़ा सर्वेश कुमार ने बताया कि इस्लाम के खिलाफ थाने में लूट, हत्या, अपहरण और डकैती के दस मुकदमे दर्ज हैं। जिनमें वह कभी नहीं पकड़ा गया, हमेशा कोर्ट में पेश होकर जेल चला जाता था। पहली बार वसीम की हत्या में गिरफ्तार होकर वह जेल जा रहा है।

हत्या के बाद नहीं मिली पूरी धनराशि
वसीम की हत्या की सुपारी तीन लाख रुपयों में तय की गई थी। दस हजार रुपये पहले एडवांस और बाकी हत्या के बाद दिए जाने थे। आरोपियों ने बताया कि उन्हें बाकी के दो लाख 90 हजार रुपये अभी तक नहीं मिले हैं।
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