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पिता ने ही रौंद डाली बेटी की अस्मत

Sat, 20 Feb 2016 12:25 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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शाहपुर। रिश्तों को कलंकित कर पिछले छह माह से पिता अपनी ही नाबालिग बेटी की अस्मत रौंदता रहा। चार माह की गर्भवती होने पर मामले की जानकारी हुई।
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दो पत्नियों के 14 बच्चों के पिता के अत्याचार की जानकारी रिश्तेदारों ने पुलिस को दी। पीड़िता के बयान के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

शाहपुर थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी जान मोहम्मद के दो निकाह हो चुके हैं। एक पत्नी से दस बच्चे हैं और दूसरी से चार।

वह घर में परचून की दुकान चलाता है। आरोपी की नाबालिग बेटी ने शुक्रवार को पेट में दर्द की शिकायत अपनी मां से की। डॉक्टर से परीक्षण कराया तो पता चला कि लड़की गर्भवती है।

इसके बाद लड़की ने मां को पिता के जुल्म की कहानी सुनाई। उसने बताया कि पिता दबाव देकर उसे रोजाना दुकान में अपने पास सुलाता था। पिछले छह माह से वह लगातार दुष्कर्म कर रहा था। यह बात रिश्तेदारों को मालूम हुई तो उन लोगों ने आरोपी को खूब खरी-खोटी सुनाई।
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लड़की के मामा की तरफ से पुलिस को तहरीर दी गई। इसके बाद पुलिस ने पीड़िता के बयान लिए, जिसमें पीड़िता ने पिता पर छह माह से दुष्कर्म करने का आरोप लगाया। कलमबंद बयान के बाद जान मोहम्मद पर दुष्कर्म के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। थाने में पूछताछ के दौरान उसने अपना जुर्म कबूल किया।

आजम खां पर भी बनाया था दबाव
प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खां को लिखे एक पत्र में उसने यहां तक कहा था कि हमारे मुस्लिम समाज ने सपा को चुनाव में 70 प्रतिशत वोट दे रखा है। अगर हमारा काम भी नहीं हुआ तो किस का होगा।
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सामाजिक संस्था का संस्थापक है आरोपी
दुष्कर्म के आरोपी जान मोहम्मद ने अंजुमन इस्लाही वेलफेयर सोसायटी के नाम से संस्था बना रखी है। जिसका वह संस्थापक अध्यक्ष है।

संस्था के नाम पर प्रार्थना पत्र पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए भेजता रहता था। खुद को समाजसेवी बताकर अपना रूतबा जमाता था। शाहपुर थाने की मीरापुर चौकी प्रभारी एसआई गजेन्द्र सिंह ने बताया कि आरोपी ने अपनी संस्था के नाम से अफसरों को काफी प्रार्थना पत्र समस्याओं को लेकर भेज रखे हैं।
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