मुजफ्फरनगर। नई मंडी क्षेत्र के गांव कूकड़ा स्थित मकान में चल रही अवैध शराब फैक्टरी का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। मौके से एक कार के साथ ही बड़ी मात्रा में तैयार की गई नकली शराब, अवैध शराब की पेटियां, शराब से भरे केन, खाली पव्वे व ढक्कन, होलोग्राम व रेपर बरामद किए गए हैं। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
नई मंडी कोतवाली पुलिस ने सोमवार सुबह सूचना के आधार पर क्षेत्र के गांव कूकड़ा स्थित एक मकान में छापेमारी की। इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह व एसएसआई मदनसिंह बिष्ट ने बताया कि मकान में बड़े पैमाने पर चलाई जा रही अवैध शराब की फैक्टरी का पता चला, जहां से मौके पर मौजूद मंसूरपुर निवासी प्रवीण व अनुज को गिरफ्तार किया गया।
इंस्पेक्टर के मुताबिक मौके से एक आई-10 कार, कार की डिग्गी के साथ ही मकान में रखी तैयार नकली शराब की 25 पेटियां, 280 लीटर खुली नकली शराब, 40-40 लीटर की आठ केन तैयार शराब, 60 लीटर ईएनई, बार कोड, 36 हजार खाली पव्वे व उनके ढक्कन, 12 हजार नकली रेफर, होलोग्राम व बार कोड, कलर केन व खुशबू की शीशियां आदि बरामद किए गए हैं। सूचना पर एसएसपी सुधीर कुमार सिंह व सीओ नई मंडी योगेंद्र कुमार भी मौके पर पहुंचे और शराब फैक्टरी की जांच-पड़ताल की। पुलिस अब अवैध नकली शराब की सप्लाई के ठिकानों की तलाश कर रही है।
इन्होंने कहा ........
एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि गांव कूकड़ा में एक मकान में अवैध शराब फैक्टरी चलाई जा रही थी, जहां से बड़ी मात्रा में तैयार की गई नकली शराब बरामद की गई है। अवैध शराब फैक्टरी का भंडाफोड़ करने वाली पुलिस टीम को पांच हजार रुपये का इनाम दिए जाने की भी घोषणा की गई है।
सात माह से चल रही थी किराये के मकान में फैक्टरी
मुजफ्फरनगर। गांव कूकड़ा में नकली शराब फैक्टरी चलाते पकड़े गए दोनों आरोपी पहले मंसूरपुर डिस्टलरी में काम करते थे। गांव कूकड़ा में करीब सात माह पूर्व किराए का मकान लेकर आरोपियों ने नकली शराब बनाने का काम शुरू किया था। उक्त नकली शराब को देहात क्षेत्र में सप्लाई किया जाता था।
नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के गांव कूकड़ा में अवैध शराब फैक्टरी चलाने वाले दोनों आरोपी प्रवीण व अनुज मंसूरपुर डिस्टलरी में काम करते थे। वहीं से उन्होंने शराब बनाने का तरीका सीखा, जिसके बाद आरोपियों ने करीब सात माह पूर्व कूकड़ा में किराए का मकान लेकर अवैध शराब बनाने का काम शुरू किया था। इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि नकली शराब तैयार करने में मानकों का पूरा ध्यान रखा जाता था, ताकि वह नुकसान न करे। वहीं, शराब तैयार करने के बाद उसे मुख्य रूप से तितावी, बघरा, मोरना व चरथावल क्षेत्र में सप्लाई किया जाता था। इंस्पेक्टर ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से उनसे शराब खरीदने वाले लोगों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
आबकारी विभाग को नहीं मिली भनक
मुजफ्फरनगर। गांव कूकड़ा में पकड़ी गई अवैध शराब फैक्टरी करीब सात माह से संचालित की जा रही थी, जहां से नकली शराब बनाकर बड़े पैमाने से देहात क्षेत्र में सप्लाई की जा रही थी। इसके बावजूद आबकारी विभाग को उक्त फैक्टरी की भनक तक नहीं लग पाई। इससे पहले मदीना कॉलोनी में करीब तीन माह पूर्व पकड़ी गई अवैध शराब फैक्टरी का भी पुलिस ने ही खुलासा किया था।