मोहल्ला सराफान में पुलिस चौकी का निर्माण कार्य रुकवाने पर विवाद हो गया। जिसको लेकर दो संप्रदायों के लोग आमने- सामने आ गए। दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद टकराव के हालात बन गए। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। इस दौरान महिलाओं की पुलिस से नोकझोंक हुई।
पुलिस ने लाठियां फटकार कर भीड़ को तितर-बितर किया। एसडीएम और तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। अफसरों ने दोनों संप्रदायों के बीच आपसी सहमति बनने के बाद ही पुलिस चौकी का निर्माण कराए जाने का आश्वासन दिया तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ।
मोहल्ला सराफान और देवीदास में पांच मई को साइड लगने के मामूली विवाद पर दोनों संप्रदायों के बीच बवाल हो गया था। एसडीएम प्रियंका निरंजन ने दोनों मोहल्लों को अतिसंवेदनशील मानते हुए पुलिस चौकी बनवाने की तैयारी शुरू कर दी थी। प्रशासन की ओर से बृहस्पतिवार को मोहल्ला सराफान मोड़ पर पुलिस चौकी निर्माण के लिए नींव खुदाई का काम शुरू कराया गया था।
दूसरे संप्रदाय के लोगों ने इस भूमि को मस्जिद की बताते हुए नींव खुदाई का काम रुकवा दिया। निर्माण कार्य रोके जाने पर खटीक समाज के लोग एकत्र हो गए। उनका कहना था कि यह भूमि खटीक समाज की है। जिस पर पूर्व में कुआं था और वह यहां पर कुआं पूजन करते थे, इसलिए पुलिस चौकी यहीं पर बननी चाहिए। इसी बात को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
दोनों पक्षों के बीच कहासुनी के बाद माहौल गरमा गया। सूचना मिलने पर एसडीएम प्रियंका निरंजन एवं तहसीलदार सतीश कुशवाह मौके पर पहुंचे। एसडीएम और तहसीलदार के समक्ष दूसरे संप्रदाय के लोगों ने मस्जिद की भूमि पर पुलिस चौकी निर्माण करने का विरोध करना शुरू कर दिया। विरोध के दौरान खटीक समाज की महिलाएं भी पहुंच गईं।
महिलाओं ने पुलिस चौकी वहीं पर बनवाने की मांग को लेकर हंगामा करना शुरू कर दिया। पुलिस ने समझाने का प्रयास किया तो महिलाओं की पुलिस से नोकझोंक हो गई। दोनों पक्षों के बीच टकराव के हालात बनने पर पुलिस ने लाठियां फटकार कर भीड़ को तितर-बितर किया। एसडीएम और तहसीलदार ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन दोनों पक्षों की ओर से आम सहमति नहीं बन सकी।
इसके बाद एसडीएम ने दोनों पक्षों की आम सहमति के बाद ही पुलिस चौकी का निर्माण कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर मामला शांत हो सका। तनाव के हालात को देखते हुए पुलिस, पीएसी बल तैनात कर दिया गया है। फिलहाल तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।
डीएम और एसएसपी के समक्ष उठा था मामला
तहसील सभागार में बुधवार शाम हुई शांति समिति की बैठक में डीएम दिनेश कुमार सिंह और एसएसपी केबी सिंह के समक्ष भी पुलिस चौकी बनाने का मामला उठा था। दूसरे संप्रदाय के लोगों ने बैठक में स्पष्ट कहा था कि यह भूमि मस्जिद की है, इसलिए वहां पर पुलिस चौकी नहीं बनाई जा सकती।
डीएम ने भूमि विवादित मानते हुए पुलिस चौकी का निर्माण कार्य कराने से इंकार कर दिया है। इसके बावजूद प्रशासन ने बृहस्पतिवार को पुलिस चौकी का निर्माण कार्य शुरू करा दिया। प्रशासन ने इस मामले को हल्के में लिया। इसी वजह से दोनों संप्रदायों के बीच टकराव होते-होते बच गया।
दोनों ही पक्षों के अपने-अपने तर्क
मोहल्ला सराफान का खटीक समाज चाहता है कि उसकी भूमि पर पुलिस चौकी बने। खटीक समाज का यह भी कहना है कि यह भूमि हिंदू समाज की है। इस भूमि पर पहले एक कुआं हुआ करता था, इस कुएं पर महिलाएं पूजन करती थीं। बाद में यह कुआं कबाड़ से अट गया था।
उधर, मुस्लिम समाज इस भूमि को मस्जिद की बता रहे हैं। एसडीएम ने दोनों संप्रदायों के लोगों से इस भूमि से संबंधित कागजात तहसीलदार को सौंपने की बात कही है। एसडीएम के मुताबिक कागजातों की जांच-पड़ताल के बाद ही पुलिस चौकी का निर्माण कार्य कराया जाएगा।