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बाइकर्स गैंग ने की थी चौकीदार की भी हत्या      

Sun, 29 Jul 2018 12:41 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
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शहर कोतवाली क्षेत्र में करीब एक पखवाड़े पूर्व चरथावल मोड़ के निकट स्थित सेनेटरी गोदाम में हुई चौकीदार की हत्या भी ताबड़तोड़ लूट करने वाले बाइकर्स गैंग ने ही की थी। मुठभेड़ में धरे गए तीनों बदमाशों ने पूछताछ में चौकीदार हत्याकांड का भी खुलासा करते हुए कई अन्य वारदातों को भी अंजाम दिए जाने की बात कबूल की है। 
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शहर कोतवाली क्षेत्र के चरथावल मोड़ स्थित किदवईनगर निवासी सलीम के सेनेटरी के गोदाम में रहने वाले चौकीदार गांव छपरा निवासी वहीद (60) पुत्र इस्माइल की 13 जुलाई की रात हत्या कर दी गई थी। बदमाश बिना किसी लूटपाट के वहां से भाग गए थे। वहीद के बेटे ने अज्ञात में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।

सिटी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक अनिल कपरवान ने बताया कि शुक्रवार शाम पीनना बाईपास पर हुई मुठभेड़ में दबोचे गए तीनों बदमाशों नरेंद्र उर्फ मामा, निशांत उर्फ नीशू पाल व आबिद दर्जी ने पूछताछ में उक्त गोदाम में चौकीदार वहीद की हत्या का भी खुलासा किया है।
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उन्होंने बताया कि घटना को अंजाम देने से दो दिन पूर्व लुटेरों ने लूटपाट के इरादे से गोदाम की रेकी की थी, जिसके बाद 13 जुलाई की रात उक्त तीनों आरोपी ही दीवार फांदकर गोदाम में जा घुसे। वहां आहट सुनकर चौकीदार वहीद ने जैसे ही टॉर्च की रोशनी उन पर मारते हुए शोर मचाने का प्रयास किया,

नरेंद्र उर्फ मामा ने वहीं पर पड़ा एक डंडा उठाकर चौकीदार के सिर पर ताबड़तोड़ कई प्रहार कर दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। चौकीदार की मौत के बाद तीनों आरोपी बिना लूटपाट किए दीवार फांदकर ही वहां से फरार हो गए थे। इंस्पेक्टर ने बताया कि वहीद हत्याकांड में भी अब आरोपियों के नाम शामिल किए जाएंगे। 

सहारनपुर, देवबंद व बिजनौर में भी की लूट 
मुजफ्फरनगर। इंस्पेक्टर अनिल कपरवान ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों ने जनपद के साथ ही सहारनपुर, देवबंद और बिजनौर में भी लूट की कई वारदातों को अंजाम दिया है। हाल ही में उन्होंने देवबंद के गोपाली गांव में बड़ी लूट को अंजाम दिया था। 

जेल में बना था लुटेरों का गिरोह
शहर कोतवाली क्षेत्र के पीनना बाईपास पर मुठभेड़ में धरे गए बाइक लुटेरे गिरोह के सदस्य पुलिस के लिए चुनौती बन गए थे। महज दस दिन के भीतर ही बेखौफ लुटेरेे नई मंडी क्षेत्र में दो बाइक लूट, शहर कोतवाली क्षेत्र में दो बाइक लूट, छपार, मंसूरपुर व शाहपुर क्षेत्र में एक-एक पेट्रोल पंप लूट को अंजाम दे चुके थे। 

सिटी कोतवाली के इंस्पेक्टर अनिल कपरवान ने बताया कि लुटेरे गिरोह की नींव वर्ष 2015 में जेल में रहने के दौरान रखी गई थी, जिसके सदस्यों में निशांत, नरेंद्र उर्फ मामा, आबिद दर्जी कि साथ ही गांव सूजड़ू निवासी गुलफाम, देवबंद के राज्जूपुर निवासी सचिन और छपार निवासी शेखर उर्फ जानू भी शामिल हैं।

बाद में निशांत के साले नयागांव मीरापुर निवासी सोनू को भी गिरोह में जोड़ लिया गया था। गिरोह की कमान आबिद दर्जी व नरेंद्र उर्फ मामा के हाथ में थी। शुरुआत में राहगीरों से बाइक, नकदी व मोबाइल लूटने वाले बदमाशों की नजरें अब पेट्रोल पंपों के कैश पर टिकी थी,

जिसमें शुरूआती तीनों घटनाओं छपार के सिसौना में, शाहपुर में व मंसूरपुर क्षेत्र में लुटेरों को पंप का कैश लूटने में कामयाबी भी हासिल हुई थी। लुटेरे गिरोह के सदस्य इतने बेखौफ हो चुके थे कि वारदात में लूटी गई बाइकों कार ही धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा था। 

लूटपाट के बाद रिश्तेदारी में लेते थे शरण 
मुजफ्फरनगर। लूटपाट को अंजाम देने के बाद लुटेरे गिरोह के सदस्य अधिकांशत: रिश्तेदारी में शरण लेते थे। इनमें नयागांव मीरापुर निवासी सोनू के साथ ही गांव सूजड़ू में गुलफाम का घर भी शामिल था।

इनके अलावा, लुटेरेे देवबंद की गांधी कॉलोनी निवासी शेखर उर्फ जानू के शिक्षक पिता के घर भी रुकते थे। इसके अलावा, लुटेरों का एक अन्य ठिकाना देवबंद के गांव राज्जूपुर स्थित एक आम का बाग था, जो राज्जूपुर निवासी गिरोह के सदस्य सचिन के परिवार का बताया जा रहा है। 

उधार के मोबाइल पर रची जाती थी लूट की साजिश 
मुजफ्फरनगर। लूट की ताबड़तोड़ वारदातों को अंजाम देने वाले लुटेरे गिरोह के सदस्य मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करते थे। आरोपियों द्वारा घटना को अंजाम देने से पहले एक-दूसरे को सूचना देने व इसकी योजना बनाने का काम उधार के मोबाइल के जरिये करते थे, यानि किसी भी राहगीर से दो मिनट के लिए मोबाइल लेकर वारदातों की योजनाएं तैयार की जातीं थीं। 

भागने के लिए करते थे ग्रामीण मार्गों का इस्तेमाल 
मुजफ्फरनगर। लुटेरे गिरोह के सदस्य इतने शातिर थे कि घटनाओं से पहले टारगेट तक जाने के लिए और लूट के बाद भागने के लिए हमेशा ग्रामीण क्षेत्र के छोटे रास्तों का इस्तेमाल किया जाता था। लुटेरे गिरोह में अधिकांश स्थानीय युवा थे, जिन्हें ग्रामीण क्षेत्र के सभी रास्ते अच्छे से पता थे, जिसका फायदा उठाकर वे पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहते थे। 
हिस्ट्रीशीटर के साथ ही कातिल भी हैं गुलफाम 
मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाल ने बताया कि लुटेरे गिरोह का एक सदस्य सुजड़ू निवासी गुलफाम शातिर अपराधी है। गुलफाम के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें ककरौली क्षेत्र में युवक की हत्या भी शामिल है। इसके अलावा, देवबंद के राज्जूपुर निवासी सचिन भी बड़ा बदमाश है, जिसके खिलाफ लूट, डकैती व हरिद्वार के लक्सर क्षेत्र में हुई युवक की हत्या के मामले दर्ज हैं। 
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