चरथावल के दधेड़ू गांव के रविदास मंदिर में मंगलवार देर शाम लाउडस्पीकर बजाने को लेकर माहौल गरमा गया। अजान के तुरंत बाद मंदिर में लाउडस्पीकर बजने पर दूसरे समुदाय के लोगों ने मंदिर में घुसकर तोड़फोड़ कर दी। इस दौरान मौजूद युवकों से भी मारपीट की गई। मामला दो समुदायों का होने के कारण पुलिस में हड़कंप मच गया।
डीएम और एसएसपी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों के लोगों को समझा-बुझाकर शांत करने की कोशिश की। हालात के मद्देनजर आरएएफ की एक कंपनी गांव बुला ली गई है। देर रात एसएसपी की मौजूदगी में फैसला हुआ कि रमजान तक नमाज से पहले ही मंदिर में आरती कर ली जाएगी।
दधेड़ू गांव के बीच में रविदास मंदिर है। शाम के वक्त मंदिर में रोजाना लाउडस्पीकर बजाकर आरती की जाती है। शाम की अजान के तुरंत बाद मंदिर में श्रद्धालुओं ने आरती बजानी शुरू कर दी। इसी दौरान दूसरे समुदाय के कुछ युवकों ने मंदिर में घुसकर हंगामा शुरू कर दिया। मंदिर में रखे सामान और कुर्सियों को तोड़ डाला। मौके पर मौजूद रवींद्र, गोटी और अमित के साथ मारपीट की गई और उनके कपड़े फाड़ दिए।
काफी संख्या में भीड़ देखकर मंदिर से जुड़े दलित समाज के लोगों में दहशत फैल गई। लोग अपने घरों में घुस गए। आरोप है कि हमलावरों ने पूरे रमजान के दौरान गांव में लाउडस्पीकर नहीं बजने देने की धमकी दी और दलित समाज से जुडे़ लोगों का रास्ता बंद करने ऐलान कर दिया। खबर लगने पर दधेडू चौकी प्रभारी रवींद्र सिंह मौके पर पहुंच गए, लेकिन आरोपी इससे पहले ही मौके से फरार हो गए थे।
पुलिस ने आला अधिकारियों को मामले से अवगत कराया। सूचना मिलते ही डीएम डीके सिंह, एसएसपी दीपक कुमार, एडीएम प्रशासन मनोज कुमार चौहान, एसपी सिटी संतोष मिश्रा, एसपी देहात राकेश कुमार जौली मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने दधेड़ू कलां और दधेड़ू खुर्द दोनों गांवों के प्रधान और पूर्व प्रधानों को बुलाकर दोनों पक्षों की बैठक ली।
एसएसपी दीपक कुमार ने साफ शब्दों में कहा कि कानून हाथ में लेने वालों से पुलिस सख्ती से निपटेगी। अगर किसी को कोई शिकायत है तो वह पुलिस अथवा प्रशासन के संज्ञान में लाए। दोनों पक्षों से वार्ता के बाद यह तय हुआ कि शाम की अजान के दस मिनट बाद रविदास मंदिर में लाउडस्पीकर बजाया जाएगा, इस पर दोनों समुदाय के लोगों ने सहमति जताई।
उधर, मंदिर परिसर में तोड़फोड़ और मारपीट करने वाले तीन लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। देर रात तक थाने में लिखा पढ़ी चल रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने रात में ही गांव में एक कंपनी आरएएफ बुला ली है। पूरे गांव में गश्त की जा रही है।
लोगों को अपने घरों में रहने के लिए एनाउंस किया जा रहा है। डीएम दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों को समझा दिया गया है। मामला शांत हो गया है। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है। बसपा नेता भी मौके पर पहुंच गए थे।
बिना हेलमेट पहुंचे थानेदार को डांटा
दधेड़ू में घटना की नजाकत को देखते हुए आसपास के थानों का पुलिस फोर्स गांव बुलाया गया। इस दौरान पुरकाजी के थानेदार भानु प्रताप सिंह बिना हेलमेट पहने पहुंच गए। यह देखकर कप्तान दीपक कुमार का पारा चढ़ गया। उन्होंने थानेदार को जमकर हड़काया और कहा कि माहौल कैसा है, आपको पता नहीं। ऐसे में पूरी तैयारी के साथ आना चाहिए। थानेदार ने सॉरी सर कहकर पीछा छुड़ाया।