सोनौली पुलिस ने खुर्शीद मामले में अपनी गलती मानते हुए कोर्ट में फाईनल रिपोर्ट दाखिल कर अपने हाथ पीछे खींच लिए है। इसके बाद जिला कारागार में 43 दिनों से बंद खुर्शीद उर्फ बाबा की बिना शर्त रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।
चर्चित खुर्शीद प्रकरण में अपना गला फंसता देख पुलिस ने जल्दी जल्दी कोर्ट में फाईनल रिपोर्ट दाखिल कर केस से पीछे हट गई। पुलिस ने अपनी गलती मानते हुए सीआरसीपी की धारा 169 की रिपोर्ट में कहा है कि अभियुक्त खुर्शीद के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं पाए गए। इसलिए इसके खिलाफ कोई अपराध नहीं बनता है। अंतिम रिपोर्ट न्यायालय को प्रेषित की जाती है। मंगलवार को अपर जनपद न्यायाधीश की अदालत में खुर्शीद की जमानत पर सुनवाई होनी थी। इसके पूर्व पुलिस ने खुद उसे निर्दोष बता अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दिया।
संतकबीर नगर के मगहर निवासी खुर्शीद उर्फ बाबा पर सोनौली पुलिस ने हत्या व डकैती का झूठा मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार करने के लिए उसके घर दबिश दे रही थी। जबकि घटना के दिन वह गोरखपुर जेल में बंद था। लेकिन पुलिस के भय से उसने जिले की अदालत में समर्पण कर खुद को निर्दोष बताते हुए जमानत की गुहार लगाई थी। जिला कारागार गोरखपुर से आई रिपोर्ट से उसकी बात सच साबित हुई, लेकिन पिछले 43 दिनों से खुर्शीद इस झूठे मुकदमें में जेल की हवा खा रहा है। पुलिस ने किरकिरी से बचने के लिए फाईनल रिपोर्ट दाखिल कर भले ही राहत की सांस ले रही हो। लेकिन खुर्शीद के अधिवक्ता वाहिद अली ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि पुलिस को अपनी इस उत्पीड़नात्मक रवैए का जवाब देना होगा।