किशोरी के अपहरण का मुकदमा नहीं लिखना भोपा के पूर्व थानेदार को महंगा पड़ने वाला है। पीड़िता के पिता की शिकायत पर मानवाधिकार आयोग ने एसएसपी को जांच कर आरोपी थानेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। एसपी देहात ने जांच कर एसओ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की संस्तुति कर दी है।
प्रकरण भोपा थाने से जुड़ा है। अप्रैल माह में भोपा से एक किशोरी का अपहरण हो गया था। किशोरी के पिता ने थाने में तत्कालीन एसओ भोपा को तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराने की गुहार लगाई। एसओ ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो पीड़ित ने तत्कालीन एसएसपी केबी सिंह से गुहार लगाई। एसएसपी ने स्पष्ट रूप से एसओ को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश जारी किए।
एसएसपी के आदेशों की अवहेलना करते हुए एसओ ने फिर लापरवाही दिखाई और रिपोर्ट दर्ज नहीं की। परेशान होकर पीड़ित पक्ष ने मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई। आयोग ने एसएसपी को जांच कर आरोपी एसओ के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए।
एसएसपी ने एसपी देहात राकेश कुमार जौली को मामले की जांच सौंपी। सूत्रों के अनुसार एसपी देहात ने अपनी जांच में एसओ को दोषी पाया है और एसओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की संस्तुति कर दी है। मामले में जल्दी ही एसओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। प्रकरण को लेकर पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।