छह साल पहले धार्मिक मेले में किशोरी से गैंगरेप के मामले में कोर्ट ने एक आरोपी को दस साल के कारावास और 27 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। एफटीसी-2 की न्यायाधीश पूनम राजपूत ने यह फैसला सुनाया। जज ने अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को देने के आदेश दिए है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार रतनपुरी थाना क्षेत्र के गांव में छह साल पहले किशोरी से गैंगरेप की वारदात हुई थी। 17 अप्रैल 2010 को गांव की महिला अपने बच्चों के साथ धार्मिक मेले में गई थी। देर रात्रि को मेला देखते हुए उसकी नाबालिग बेटी बिछड़ गई।
इसी दौरान गांव के ही तेजपाल उर्फ तेजा, आजाद उर्फ काला और उनके दो साथियों ने किशोरी को दबोच कर अपने ट्रक में ले जाकर उसके साथ गैंगरेप किया था। रतनपुरी पुलिस ने किशोरी की मां की ओर से चारों के खिलाफ गैंगरेप की रिपोर्ट दर्ज की थी। यह मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या 2 में चला। एडीजीसी रीतू चौधरी ने कोर्ट में चार गवाह पेश किए।
न्यायाधीश पूनम राजपूत ने गवाहो की गवाही और साक्ष्य के आधार पर तेजपाल उर्फ तेजा का दोषी पाया और उसे गैंगरेप में 10 साल के कारावास व 25 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 506 में दो साल के कारावास और दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। यह भी आदेश दिया कि अर्थदंड की धनराशि में से आधी धनराशि पीड़िता को दी जाए। मुकदमे के ट्रायल के दौरान आजाद उर्फ काला समेत तीन के नाबालिग होने पर तीनों का मुकदमा किशोर न्यायालय में लंबित है।