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स्कूल की छत पर चढ़ीं छात्राएं, जान देने की कोशिश     

Sat, 20 May 2017 01:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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एसडी इंटर कॉलेज की तीसरी मंजिल पर चढ़ी छात्राएं। - फोटो : amar ujala
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मुजफ्फरनगर। एसडी इंटर कॉलेज में दो छात्राओं ने कॉलेज की तीसरी मंजिल की छत पर चढ़कर आत्महत्या करने का प्रयास किया। छात्राओं ने आरोप लगाया कि उन्हें कॉलेज प्रशासन ने जानबूझ कर फेल किया है। करीब दो घंटे के मान-मनौव्वल के बाद पुलिस अधिकारी दोनों को छत से नीचे उतारने में सफल रहे। अफसरों की मौजूदगी में प्रधानाचार्य ने कॉपियों का शिक्षकों के पैनल से पुन: मूल्यांकन कराने और इसकी जांच कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्राओं को परिजनों के सुपुर्द किया गया।
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शहर में रोडवेज के पास स्थित एसडी इंटर कॉलेज में गत 30 मार्च को परीक्षाफल घोषित किया गया था। जिसमें कक्षा 11 के काफी विद्यार्थी अनुत्तीर्ण हुए थे। ऐसे छात्र-छात्राओं का बैक भरवाया गया और उनकी फिर से परीक्षा कराई गई। फेल होने वालों विद्यार्थियों में कॉमर्स संकाय में कक्षा 11 की दो छात्राएं भी शामिल थीं। इन दोनों ने भी बैक परीक्षा दी। दो दिन पहले बैक पेपर का परीक्षाफल घोषित हुआ तो ये दोनों छात्राएं फिर फेल हो गईं। शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे दोनों छात्राएं परीक्षाफल लेने कॉलेज में पहुंची। फेल होने पर दोनों छात्राएं रोने लगीं। शिक्षकों और स्टाफ से इस बारे में जानकारी ली, मगर किसी ने कुछ नहीं बताया। छात्राओं ने हंगामा भी किया, लेकिन किसी ने गौर नहीं किया।

 जिससे आहत छात्राएं रोते हुए कॉलेज की तीसरी मंजिल की छत पर पहुंच गईं। रोते हुए छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन पर आरोप लगाया कि उन्हें जानबूझकर फेल किया गया है, इसलिए वे छत से कूदकर आत्महत्या करेंगी। शोर शराबा सुनकर कॉलेज स्टाफ और विद्यार्थियों की वहां भीड़ जमा हो गई। छात्राओं ने चेतावनी दी कि यदि कोई भी ऊपर आया तो वो कूदकर अपनी जान दे देंगी। कॉलेज प्रशासन ने तुरंत ही पुलिस को सूचना दी। सिविल लाइन इंस्पेक्टर पुलिस बल समेत मौके पर पहुंचे। इसी दौरान सीओ सिटी भी वहां आ गए। दमकल विभाग के कर्मचारियों को भी बुला लिया गया। सीओ ने समझाते हुए उनसे नीचे उतर आने का आग्रह किया, लेकिन वो जिद पर अड़ी रहीं। सीओ ने कहा कि उनकी बात सुनी जाएंगी और सभी जांच कराई जाएंगी, तब छात्राएं शांत हुईं। इसके बाद महिला आरक्षियों ने ऊपर जाकर समझाते हुए सकुशल छात्राओं को नीचे उतारा। बाद में दोनों को समझा बुझाकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया।           
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दो घंटे तक चला हाई वोल्टेज ड्रामा           
मुजफ्फरनगर। एसडी इंटर कॉलेज में छात्राओं के कॉलेज की छत पर चढ़कर जान देने की धमकी देने का हाईटेंशन ड्रामा दो घंटे तक चला। इस दौरान उनके परिजन भी मौके पर पहुंच गए थे। शुक्रवार को जब कॉलेज पहुंचने पर दोनों छात्राओं को कक्षा 11 में फेल होने पर का पता चला तो दोनों छात्राएं रोते हुए कॉलेज की तीसरी मंजिल पर चढ़ गई। छात्राएं छत पर बिल्कुल बाउंड्री पर एक दूसरे का हाथ पकड़े खड़ी जोर जोर से रोती रहीं। वे रोते हुए छत से कूदकर आत्महत्या कर लेने की धमकी देती रहीं साथ ही कॉलेज प्रशासन पर उन्हें और अन्य छात्रों को जान बूझकर फेल करने का आरोप भी लगाती रहीं। जब उन्हें समझाने का प्रयास किया जाता तो वो धमकी देती रहीं कि यदि कोई ऊपर आया तो वो कूद जाएंगी। इस दौरान कॉलेज के जीने का गेट बंद कर दिया गया था। करीब दो घंटे बाद सीओ के समझाने पर वो शांत हुई। तब महिला पुलिसकर्मी उन्हें उतार कर नीचे लेकर आई।

सीओ ने ऑफिस में प्रधानाचार्य के समक्ष छात्राओं की बात सुनी। प्रधानाचार्य ने उत्तर पुस्तिकाएं मंगवाकर छात्राओं, सीओ और उनके परिजनों को दिखाई। प्रधानाचार्य ने शिक्षकों के पैनल से कॉपियों का पुन: मूल्यांकन कराने का आश्वासन दिया, तब जाकर छात्राएं नॉर्मल हुईं। बाद में सीओ की मौजूदगी में छात्राओं को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इस दौरान वहां भारी भीड़ जमा हो गई। इसी मामले के चलते निर्धारित अवधि से पहले ही कॉलेज की छुट्टी कर दी गई। सभी शिक्षक भी मौके पर मौजूद रहे।           

छात्रों ने भी किया हंगामा           
छात्राओं के छत से नीचे उतर आने पर कॉलेज में फेल हुए छात्रों ने भी हंगामा किया। आरोप लगाया कि जानबूझ कर फेल किया गया है। छात्राओं ने बताया कि कक्षा 11 में सभी संकायों में करीब 1200 छात्र पढ़ रहे हैं, जिनमें से करीब 800 बच्चों को फेल कर दिया गया। इसी दौरान सूचना मिलने पर एबीवीपी के नगर सह मंत्री हर्षिद बालियान ने भी छात्रों के साथ वहां पहुंच कर इस पर आक्रोश जताया।           

- दो छात्राएं फेल होने पर मानसिक रूप से परेशान होकर कॉलेज की छत पर चढ़ गई थी। उन्हें समझा बुझाकर शांत कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। इस संबंध में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। कापियों की जांच के लिए शिक्षकों का पैनल गठित करने की बात परिजनलें को बता दी गई है।           
- तेजवीर सिंह, सीओ सिटी।           

  
- छात्राओं और अन्य छात्रों के आरोप निराधार हैं। दिए गए उत्तरों के अनुसार ही मूल्यांकन किया गया है। अनुत्तीर्ण हुए विद्यार्थियों के बैक पेपर कराकर उत्तीर्ण होने का मौका भी दिया गया है। इन दोनों छात्राओं की उत्तर पुस्तिकाओं का पुन: मूल्यांकन कराने के लिए कमेटी गठित की गई है।            
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- डॉ एसके गुप्ता, प्रधानाचार्य  
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