महिमा आत्महत्या प्रकरण को लेकर सामाजिक चेतना जागृत करने और बहू-बेटियां के सम्मान की रक्षा के लिए सामाजिक कार्यकर्ता मनेश कुमार गुप्ता की तीन दिवसीय भूख हड़ताल पूरी हुई। मंगलवार को तुलसी पार्क में मृतका की मां संजू देवी ने जूस पिला कर गुप्ता का उपवास समाप्त कराया।
बीकॉम द्वितीय वर्ष की छात्रा महिमा विश्वकर्मा ने दबंगों के कब्जे से भाई की रिहाई न होने पर 16 फरवरी को अंकित विहार स्थित आवास में फांसी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी। मामला दिल्ली और लखनऊ तक सुर्खियां बना। जन आंदोलनों की राष्ट्रीय समन्वय समिति के प्रांतीय संयोजक मनेश कुमार गुप्ता ने घटना के विरोध में रविवार को शिवचौक स्थित तुलसी पार्क में तीन दिवसीय उपवास शुरू किया था।
मंगलवार को मृतका की मां संजू देवी ने जूस पिला कर उनकी भूख हड़ताल समाप्त कराई। इस मौके पर गुप्ता ने कहा कि महिमा आत्महत्या केस में सबसे ज्यादा पीड़ाजनक राजनीतिक दलों की चुप्पी है। अपराधियों और दबंगों के खिलाफ कोई आवाज नहीं उठाता। जाति और धर्म से ऊपर उठकर अन्याय और जुल्म के खिलाफ समाज को संगठित होना होगा। सियासत, अपराधी और भ्रष्ट प्रशासनिक गठजोड़ की वजह से पीड़ितों को न्याय नहीं मिलता। मृतका की मां संजू देवी ने कहा कि असामाजिक तत्व मेरी बेटी की आत्महत्या को हत्या बनाकर हमारे परिवार को मिटाने की साजिश रच रहे हैं।
गरीब के लिए न्याय पाना फांसी चढ़ने के बराबर है। उपवास तोड़ते समय गुप्ता फफक पड़े। भूख हड़ताल के दौरान लोग भावुक हो गए। भाजपा नेता संजय धीमान नंगला राई ने बेटियां को इंसाफ दिलाने के संघर्ष में जन सहयोग का आभार जताया। बाबा राम स्वरूप, भाई अक्षय, असद हकीम, राधे वर्मा, इरशाद अंसारी, नरेंद्र कुमार, पवन बंसल, सरदार बलविंदर सिंह, वीरेंद्र, शहजाद, सतीश गर्ग, देशपाल पांचाल, नरेश पांचाल, रेहाना बेगम, त्रिलोकचंद गुप्ता, सुरेंद्र, नरेश विश्वकर्मा, कामरेड छोटे खां, गोविंद वर्मा, शहजादा प्रधान, शाहनवाज, मांगेराम पांचाल, दीपक आदि मौजूद रहे।