जम्मू-कश्मीर में पकड़े गए लश्कर के आतंकी संदीप शर्मा की मां प्रेमवती सदमे में है। संदीप की मां ने कहा कि ऐसा बेटा भगवान किसी को न दे। ऐसे बेटे से तो बेऔलाद ही अच्छे थे। पुलिस को संदीप के बारे में वह सब कुछ बता दिया है, जितना उसके बारे में जानती हूं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ से संदीप की मां और भाभी आजिज आ गई हैं। उनका कहना है कि मोहल्ले में लोग उन्हें शक की नजरों से देख रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर में सोमवार को लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी संदीप शर्मा के पकड़े जाने के बाद शहर की न्यू अंकित विहार कॉलोनी से उसकी मां प्रेमवती और भाभी रेखा को पूछताछ के लिए पुलिस ने हिरासत में लिया था। पुलिस के अलावा एटीएस और अन्य खुफिया एजेंसियों ने उनसे पूछताछ की। देर रात दोनों को छोड़ दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद से दोनों दहशत में हैं। घर में भोजन तक नहीं बना है। अमर उजाला ने संदीप की मां और भाभी से खास बातचीत की।
दोनों महिलाओं ने कहा कि हम लोग किसी तरह मेहनत-मजदूरी कर बच्चों का पेट पाल रहे हैं। मां प्रेमवती ने कहा कि बेटा ऐसा निकलेगा, सोचा भी नहीं था। संदीप के बारे में पुलिस को सबकुछ बता दिया है। वर्ष 2013 के बाद से वह कभी मुजफ्फरनगर नहीं आया। बीच में बेटे से जब भी फोन पर बात हुई, तो उसने खुद को जम्मू-कश्मीर में वेल्डर होने की बात बताई। मां का कहना है कि बेटे ने कभी उन्हें फूटी कौड़ी तक नहीं भेजी।
वह खुद ही किसी तरह परिवार की गुजर-बसर कर रहे हैं। दुखी मन से मां ने कहा कि सरकार बेटे को जो सजा देना चाहिए दे, उन्हें कोई अफसोस नहीं होगा। भगवान ऐसा बेटा किसी को न दे। ऐसे बेटे से तो बेऔलाद ही अच्छे थे। मां ने कहा कि बेटे के बारे में जानकारी होने के बाद से घर में चूल्हा तक नहीं जला है। लोग उन्हें शक की नजरों से देख रहे हैं। पुलिस बार-बार उनसे पूछताछ के लिए आ रही है। उसने कहा कि अगर उन्हें पहले से बेटे के बारे में आतंकी बनने की जानकारी होती, तो वह खुद पुलिस को इसकी इत्तला करती। उसे बेटे के आतंकी बनने के बारे में कोई जानकारी पहले से नहीं है।
पूछताछ के बाद संदीप के भाई प्रवीण को भी छोड़ा
मुजफ्फरनगर। जम्मू-कश्मीर में पकड़े गए आतंकी संदीप शर्मा की मां और भाभी को पुलिस ने पूछताछ के बाद सोमवार को ही छोड़ दिया था। इस मामले में पूछताछ करने के बाद संदीप के भाई प्रवीण शर्मा को पुलिस ने मंगलवार सुबह छोड़ दिया। जम्मू-कश्मीर में संदीप शर्मा के पकड़े जाने के बाद उसकी मां प्रेमवती, भाभी रेखा और भाई प्रवीण को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद पुलिस ने संदीप के परिजनों को छोड़ दिया है।
सोमवार रात को उनके मकान पर पुलिस बल तैनात किया था। मंगलवार को पुलिस बल हटा लिया गया। मंगलवार सुबह प्रवीण अपने घर आया और मां, पत्नी, बच्चों से मिलकर चला गया। संदीप की मां और भाभी दोनों बच्चों के साथ मकान में ही रहीं। उधर, संदीप के आतंकवादी होने की जानकारी मिलने से मोहल्ले वालों ने भी उसके परिजनों से किनारा कर लिया है। पुलिस पूछताछ के बाद घर लौटे परिजनों से पड़ोसियों ने दूरी बनाए रखी। कोई भी उनका हालचाल जानने उनके पास नहीं आया, जिससे संदीप के परिजन काफी आहत दिखाई दिए।
संदीप के फुफेरे भाई सहित दो हिरासत में
मुजफ्फरनगर। पुलिस प्रशासन ने बताया कि लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी संदीप शर्मा के बारे में जांच जारी है। इसी सिलसिले में उसके फुफेरे भाई समेत दो और युवकों को पूछताछ के लिए उठाया गया है। संदीप के साथ दोनों जम्मू-कश्मीर गए थे। काम पूरा होने के बाद दोनों लौट आए, लेकिन संदीप जम्मू- कश्मीर का ही होकर रह गया। इसके पीछे कश्मीरी युवती से उसके संबंध होने की बात भी सामने आ रही है।
स्थानीय पुलिस के अलावा एटीएस और अन्य खुफिया एजेंसी आतंकी संदीप शर्मा के जड़ें खंगाल रही हैं। पुलिस ने मंगलवार को संदीप के फुफेरे भाई मोरना निवासी अश्वनी उर्फ सोनू और उसके साथी आसिफ उर्फ कल्लू को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। सूत्रों के मुताबिक इनसे काफी कुछ क्लू हाथ लगे हैं। पूछताछ में दोनों ने बताया कि संदीप के साथ दिल्ली में खजूरी खास इलाके में एक ठेकेदार के यहां वेल्डर थे।
वर्ष 2013 में सरकारी पावर ग्रिड बनने का टेंडर निकला था, जिसे गाजियाबाद और जम्मू के ठेकेदार ने लिया था। संदीप, अश्वनी और उसका दोस्त आसिफ भी कश्मीर में काम करने गए थे। इनके साथ तीन युवक नोएडा और दो युवक लोनी के रहने वाले भी थे। गाजियाबाद के संबंधित ठेकेदार की तलाश में पुलिस की एक टीम वहां भेजी गई है। ठेकेदार के यहां से जम्मू-कश्मीर जाने वाले युवकों के बारे में पूछताछ की जाएगी। जम्मू-कश्मीर में करीब 13 माह बाद टेंडर का कार्य पूरा हुआ तो संदीप को छोड़कर बाकी सभी लोग घर लौट आए।
पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि संदीप के किसी कश्मीरी युवती से प्रेम-प्रसंग थे। इस वजह से संदीप घर लौटकर नहीं आया। माना जा रहा है कि युवती के संपर्क में आने के बाद ही आतंकी तंजीमों तक उसके ताल्लुकात हो गए। संदीप ने घरवालों से पूरी तरह किनारा कर लिया। एक-दो बार उसने अपने भाई प्रवीण से फोन पर बात तो की, लेकिन घर लौटकर नहीं आया। संदीप के फुफेरे भाई अश्वनी की माली हालत भी अच्छी नहीं है। वह मेरठ में किसी कारोबारी के यहां ड्राइवर है। उसकी मां भी गांव में मेहनत-मजदूरी कर गुजर-बसर कर रही है।
आतंकियों को थी वेल्डर की तलाश
मुजफ्फरनगर। संदीप शर्मा वेल्डर था। नोटबंदी के बाद रुपयों का संकट होने पर आतंकियों ने एटीएम लूटने की साजिश रची। ऐसे में किसी वेल्डर की तलाश थी। यह तलाश संदीप शर्मा के रूप में पूरी हुई। संदीप आतंकियों के संपर्क में आने के बाद एटीएम मशीनों को कटर से काटने में माहिर हो गया। इसके बाद संदीप ने एटीएम मशीन काटकर लूट की कई घटनाओं को अंजाम दिया। संदीप शर्मा के संपर्क में आने वाली युवती कौन थी, उसके आतंकी संगठनों से क्या संबंध थे इसकी जांच के लिए यह जानकारी जम्मू-कश्मीर पुलिस को दी जा रही है।