कारोबारी यशपाल राठी की हत्या की वारदात में शार्प शूटरों का इस्तेमाल हुआ है। पुलिस मामले की तह में जाने की कोशिश में जुटी है। घटना के समय राठी अपनी दुकान के बाहर कार में बैठे हुए थे और कुछ कागजात देख रहे थे। उन्हें इसका आभास तक नहीं था कि उनकी हत्या के इरादे से हमलावर आसपास ही मंडरा रहे हैं। छानबीन में यह भी पता चला है कि हमलावरों ने पहले उनके रेस्टोरेंट में चाट खाई और मौका देखते ही हमला कर दिया।
सोंटा गांव के मूल निवासी यशपाल राठी फिलहाल शहर की शिक्षक कालोनी में रह रहे थे। मंसूरपुर में हाइवे पर भगतजी स्वीट्स और खतौली क्रॉसिंग पर अलकनंदा नाम से उनका एक रेस्टोरेंट है। शाम के समय यशपाल अपनी दुकान पर आए थे। इसी दौरान वह टहलते हुए बाहर खड़ी कार में बैठे और कुछ कागजात देखने लगे। इसी दौरान दो बदमाश पहुंचे और पिस्टलों से ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी। यह सबकुछ इतनी जल्दी हुआ कि किसी को कुछ पता नहीं चल पाया।
वारदात को अंजाम देकर हमलावर पैदल ही मौके से फरार हो गए। माना जा रहा है कि घटनास्थल के आसपास ही हत्यारों का कोई वाहन खड़ा होगा, जिसमें बैठकर वह फरार हो गए। चार गोलियां राठी को लगीं, मेरठ आनंद हॉस्पिटल पहुंचने पर डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास छानबीन की है। दुकानों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले हैं। राठी की दुकान पर काम करने वाले स्टाफ के लोगों ने पुलिस को बताया कि दो संदिग्ध युवक काफी देर से वहीं घूमते दिखाई दे रहे थे। दुकान पर आकर दोनों ने चाट भी खाई थी। फिलहाल पुलिस की जांच इन्ही दोनों युवकों पर टिकी हुई है।
माना जा रहा है कि वारदात में भाड़े के शूटर इस्तेमाल किए गए हैं। यशपाल का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। किसी समय में वह थाने का हिस्ट्रीशीटर भी हुआ करता था। इलाके के एक बड़े अपराधी के साथियों में राठी की गिनती होती थी, लेकिन वह फिलहाल सभी मामलों में बरी हो चुका था। इनदिनों राठी अपने बिजनेस में व्यस्त थे। ऐसे में किसने इस वारदात को अंजाम दिया, पुलिस यह जानने की कोशिश में जुटी है। पुलिस राठी की रंजिश के पुराने मामलों को खंगालने में जुट गई है।
रात में हंगामा, जाम बालियान भी पहुंचे
डॉक्टरों के जवाब देने पर यशपाल राठी का शव मंसूरपुर थाने लाया गया। इससे पहले वहां सोंटा और आसपास के गांवों की भीड़ मौजूद थी। हत्या से गुस्साए ग्रामीणों ने हाइवे पर जाम लगा दिया। इसी दौरान पुलिस शव को गाड़ी में लेकर मोर्चरी पहुंच गई। घटना की सूचना पर केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान भी पहुंच गए। उन्होंने लोगों को समझाने-बुझाने की कोशिश की।
सोंटा के मूल निवासी यशपाल राठी की हत्या की सूचना मिलते ही गांव से सैकड़ों लोग मंसूरपुर पहुंच गए। लोगों का आरोप था कि वारदात के पीछे पुलिस की मिलीभगत है। घटनास्थल से कुछ ही कदमों की दूरी पर मंसूरपुर थाना है। बदमाशों को पुलिस का कतई खौफ नहीं था। वह वारदात को अंजाम देकर आराम से फरार हो गए। पुलिस ने मौके की नजाकत को भांपते हुए शव को गाड़ी से मोर्चरी भिजवा दिया। जाम लगा रहे लोग शव को वापस मंगाने की मांग पर अड़े हुए थे।
सूचना पर देर रात केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान भी मौके पर पहुंच गए। लोगों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बालियान ने हंगामा कर रहे लोगों को समझाने-बुझाने की कोशिश की। पुलिस अधिकारी बालियान को जल्द घटना का खुलासा करने और अपराधियों को पकड़ने का आश्वासन दे रहे थे। देर रात तक वार्ता जारी थी।