अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर थानेदारों को सप्ताह में दो दिन अफसरों को रिपोर्ट देनी होगी। काम में लापरवाही बरतने पर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अफसरों के आदेशों पर पुलिस सड़कों पर उतर आई है। सिपाही से लेकर अफसर तक अवैध धंधा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में जुटे हैं।
नई सरकार के गठन के बाद से पुलिस का बदला हुआ रूप सामने आ रहा है। कल तक राजनीतिक दबाव के चलते कार्रवाई में आनाकानी करने वाली पुलिस अफसरों का सख्त चाबुक चलते ही सड़कों पर उतर आई है। तस्करी से जुड़े धंधों को पुलिस ने रडार पर ले लिया है। मीट कारोबारी, पशु तस्कर और सट्टेबाजों की तलाश में पुलिस दिन-रात जुटी है।
डीजीपी के आदेश पर एसएसपी बबलू कुमार ने जनपद के सभी प्रभारी निरीक्षकों को संगठित रूप से अवैध खनन करने वालों, अवैध लकड़ी कटान, पशु तस्करी, शराब की तस्करी और डग्गामार वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। अफसरों ने प्रभारी निरीक्षकों से सप्ताह के सोमवार और बृहस्पतिवार को अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ की गई कार्रवाई की आख्या देने को कहा है। आदेश मिलते ही कोतवाल से लेकर सिपाही तक सड़कों पर तस्करों की तलाश में जुट गए हैं।
राजनीतिक दबाव से बाहर आए अफसर
सूबे में सत्ता परिवर्तन होते ही पुलिस दिन-रात सड़कों पर उतर कर काम कर रही है। कॉलेज के बाहर छेड़छाड़ हो या फिर अवैध कमेले पुलिस की सख्ती के चलते सब ठंडे पड़ते नजर आ रहे हैं। 19 मार्च को सीएम द्वारा शपथ ग्रहण करने के साथ ही पुलिस ने शहर में अवैध कमेले और मीट की दुकानें बंद करा दीं।
कॉलेजों के बाहर सादी वर्दी में और शहर में महिला पुलिसकर्मी शोहदों की तलाश में जुटी रहती हैं। पहले गोकशी और छेड़छाड़ की घटनाएं जहां रोजाना नजर आती थीं, वहीं अब काफी हद तक बंद हो चुकी हैं। शनिवार रात शहर कोतवाली पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ अवैध कमेले चलाने पर रिपोर्ट दर्ज कर एक आरोपी को जेल भेजा था। सोमवार दिन में क्राइम ब्रांच ने थाना पुलिस के साथ दर्जनों जगहों पर सट्टा करने वालों की तलाश में छापे मारे।