मीनू त्यागी प्रकरण में जेल अधीक्षक ने अपनी जांच रिपोर्ट डीआईजी को भेज दी है। जेल अधीक्षक ने जेलर, महिला बंदी रक्षकों और अन्य स्टाफ के बयान दर्ज कर रिपोर्ट तैयार की है। वहीं दूसरी ओर सूत्रों की मानें तो मीनू त्यागी ने अदालत और अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखा है।
राजपत्रित अधिकारी की हत्या की सुपारी को लेकर जेल से गाजियाबाद की महिला से बात करने के मामले में जेल अधीक्षक ने अपनी ओर से मामले की जांच-पड़ताल की। इस मामले में जेल अधीक्षक राकेश सिंह ने सबसे पहले मीनू त्यागी के बयान दर्ज किए। मीनू ने बच्चों की कसम खाकर मामले में अपनी सहभागिता से इंकार कर दिया था।
इसके बाद जेलर, महिला बंदी रक्षकों और अन्य कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए। जेल अधीक्षक ने जांच में सभी के बयान दर्ज कर एक रिपोर्ट बनाकर डीआईजी कारागार वीके शेखर को भेज दी है। मामले में आगे की कार्रवाई वहीं से की जाएगी।
उधर, एसएसपी के आदेश पर नईमंडी पुलिस ने मीनू त्यागी के खिलाफ हत्या की साजिश रचने का मुकदमा दर्ज किया था। सूत्रों की माने तो रिपोर्ट दर्ज होने की बात का पता चलने पर मीनू त्यागी की ओर से भी अदालत और अधिकारियों के सामने बेवजह फंसाने की बात कहकर उसका पक्ष रखा गया है।