मीरापुर। पुलिस ने रविश हत्याकांड का खुलासा करते हुए दो हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दोस्तों ने ही उसकी गला घोंटकर हत्या की और शव गंगनहर में फेंक दिया था। पुुलिस ने इस हत्याकांड में एक अज्ञात सहित चार लोगों के खिलाफ हत्या करने का मुकदमा दर्ज किया, जबकि दो हत्यारोपी अभी फरार हैं।
विगत 12 फरवरी को युवक रविश अचानक घर से गायब हो गया था। उसके परिजनों ने काफी तलाश करने के बाद थाने में 18 फरवरी को उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बाद में 21 फरवरी को रविश के पिता यासीन की ओर से हत्या की आशंका में अज्ञात में मुकदमा दर्ज कराया गया था। एसओ जयभगवान यादव ने बताया कि रविश की दोस्ती मोहल्ले के ही आस मोहम्मद उर्फ छोटा पुत्र अनवार, यामीन और आशु टोपी पुत्रगण जुम्मा से थी।
आशु टोपी को आशंका थी कि रविश ने उसकी हत्या करने के लिए सुपारी ली है, जिसके चलते उसने रविश को अपने घर बुलाया और तीनों ने मफलर से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसके शव को रेहड़े में डालकर संभलहेड़ा पुल से गंगनहर में फेंक दिया। एसओ ने बताया कि सात मार्च को पुलिस ने मुझेड़ा के रजवाहे से बोरी में बंद एक शव बरामद किया था। कपड़ों से पहचान रविश के रूप में हुई ।
हत्याकांड में पुलिस ने आस मोहम्मद, यामीन, आशु टोपी और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। आस मोहम्मद और यामीन को पुलिस ने उनके घर से गिरफ्तार किया, जबकि दो अन्य अभी फरार बताए गए हैं। इस हत्याकांड के पुलिस के खुलासे पर रविश के परिजनों ने भी संतुष्टि जाहिर की है।
सीबीआई ने गवाह के बयान दर्ज किए
मुजफ्फरनगर। भौराकलां के मुंडभर में दो साल पहले हुए चर्चित छात्रा रिया हत्याकांड का कोर्ट में ट्रायल शुरू हो गया है। शुक्रवार को सीबीआई की ओर से पहले गवाह के एडीजे प्रथम कोर्ट में बयान दर्ज हुए। न्यायधीश दिनेशचंद्र ने सुनवाई जारी रखते हुए 21 जून की तारीख लगाई है। बताते चलें भौराकलां थाना क्षेत्र के गांव मुंडभर में पुरानी रंजिश के चलते 10 मार्च 2014 को छात्रा रिया की हत्या हुई थी।
हमलावर रिया के पिता सुरेशपाल की हत्या करने आए थे, मगर पिता की जान बचाने के लिए छात्रा रिया पिता के सामने आ गई थी, जिससे हमलावरों ने उसको ही गोली मार दी थी। सुरेशपाल की ओर से गांव के ही पूर्व प्रधान प्रवीण उर्फ बिट्टू, रोहताश, सुनील और ललित के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। भौराकलां पुलिस ने सुनील और ललित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि रोहताश तभी से फरार चल रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मुकदमे की जांच सीबीआई को चली गई थी। जांच में सीबीआई ने प्रवीण उर्फ बिट्टू को क्लीनचिट दे दी थी। बाकी दोनों ललित और सुनील के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किए गए। अब यह मुकदमा कोर्ट में ट्रायल पर आ गया है। शुक्रवार को सीबीआई के वकील की ओर से अपने पहले गवाह डॉ उमेश कुमार के कोर्ट में बयान कराए गए। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता रोहताश सिंह ने जिरह की। कोर्ट ने अगली तारीख 21 जून लगाई है।