शहर कोतवाली के रामलीला टिल्ला मोहल्ले में हुई वारदात में शुक्रवार सुबह परिजनों और लोगों ने मृतक जयपाल के शव को रखकर न्याजूपुरा मार्ग पर जाम लगाया। गुस्साए लोगों ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी और आर्थिक मदद की मांग करते हुए हंगामा कर दिया। मौके पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ ने कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया।
मोहल्ला रामलीला टिल्ला निवासी टेलर मास्टर जयपाल बृहस्पतिवार दोपहर मकान के बाहर बनी दुकान में कार्य कर रहा था। इसी दौरान उसके दामाद हरिपुरम कूकड़ा निवासी सचिन ने अपने साथियों के साथ आकर उस पर कुल्हाड़ी और बल्कटी से हमला कर दिया था। हमलावर सचिन ने इसके बाद घर में घुसकर सास देवी कौर, अपनी पत्नी अंजलि और साले शुभम पर भी जानलेवा हमला कर घायल कर दिया था।
शोर सुनकर मोहल्ले वाले दौड़ कर आए तो हमलावर अपनी बाइक छोड़कर भाग गए थे। घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से उन्हें मेरठ रेफर किया गया। देर शाम मेरठ में जयपाल की मौत हो गई थी। शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद जयपाल का शव मेरठ से शहर आया। वारदात से गुस्साए परिजनों और मोहल्ले वालों ने आठ बजे ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखे जयपाल के शव को साथ लेकर हंगामा किया और न्याजूपुरा मार्ग जाम कर दिया।
लोगों ने हमलावरों की गिरफ्तारी और आर्थिक मदद की मांग की। साथ ही पुलिस प्रशासन के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के प्रति भी आक्रोश जताया। कहा कि अभी तक कोई भी जनप्रतिनिधि उनकी सुध लेने नहीं आया। उधर, मेरठ के नर्सिंगहोम में उपचार के दौरान डॉक्टरों ने काफी रकम का बिल बनाया। बिना बिल जमा किए जयपाल का शव भी नहीं दे रहे थे।
इस संबंध में यहां के अधिकारियों को बताया, मगर कोई सुनवाई नहीं की। सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट मौहम्मद नईम और सीओ सिटी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। लोगों की बात सुनी और हत्यारोपियों की जल्द गिरफ्तारी और हरसंभव मदद का आश्वासन देकर उन्हें शांत किया। इसके बाद लोगों ने जाम खुला। बाद में गमगीन माहौल में शव का दाह संस्कार किया गया।
सचिन समेत चार नामजद
मुजफ्फरनगर। घायल शुभम ने अपने सचिन, उसके बडे भाई विवेक उर्फ टिंकल, पिता राजमल तथा सचिन के बहनोई न्यामतपुर, देवबंद निवासी सुरेश के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज कराई है।