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जेल में रची गई थी भाजपा नेता की हत्या की साजिश       

Thu, 27 Apr 2017 12:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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भाजपा नेता की हत्या का खुलासा करते पुलिस अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
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खतौली पुलिस ने भाजपा नेता राजा वाल्मीकि की हत्या का खुलासा 21 दिन बाद कर दिया है। पुलिस का दावा है कि जेल में बंद गौरा ने हत्या की साजिश रची थी। शूटर विपुल खूनी ने दानिश और राजू वाल्मीकि के साथ मिलकर राजा की हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। हत्या के लिए  50 हजार की सुपारी भी आरोपियों को नहीं मिल पाई। पुलिस ने दानिश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। राजा के परिजनों ने कहा कि गौरा को जेल से रिमांड पर लेेकर सख्ती से पूछताछ करने पर ही उनकी संतुष्टि होगी।                                    
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भाजपा नेता राजा वाल्मीकि की पांच अप्रैल को दुकान पर सुबह ही बाइक सवार तीन युवकों ने गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। हत्याकांड का बुधवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। सीओ राजीव कुमार गौतम ने कोतवाली में पत्रकारों को बताया कि जेल में बंद गौरा की खिलाफत करने और शराब का धंधा बंद कराने में अहम रोल निभाने के चलते राजा की हत्या की गई थी।

बताया कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मंगलवार  शाम रोडवेज बस अड्डे के पास खड़े मोहल्ला जैननगर निवासी  दानिश पुत्र नूर मोहम्मद को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में दानिश ने राजा की हत्या की बात को कबूल किया है। सीओ ने बताया कि चार अप्रैल की रात शूटर विपुल खूनी खतौली आया था और  रात में  दानिश और राजू वाल्मीकि के साथ  गंगनहर के पास स्थित गौरा के मकान में ठहरे थे। रात में हत्या की साजिश बनाने के दौरान अरोपी राजू वाल्मीकि का लड़का जीतू भी शामिल था।
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पांच अप्रैल की सुबह विपुल, दानिश और राजू तीनों ने होली चौक पहुंचकर राजा वाल्मीकि पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर उसकी हत्या कर दी थी। राजा पर शूटर विपुल खूनी ने चलाई थी। पुलिस के मुताबिक बदमाश दानिश को  तय रकम 50 हजार  रुपये नहीं मिले। पुलिस ने  दानिश को जेल भेज दिया है। बाकी आरोपियों की तलाश में पुलिस जुटी है। उधर, मृतक के पिता बाबूलाल का कहना है कि जब तक गौरा को रिमांड पर लेकर पुलिस सख्ती से पूछताछ नहीं करेगी, उनके दिल को सकून नहीं मिलेगा।       

बैरक नंबर नौ में रचा गया षड्यंत्र
खतौली।  सीओ के मुताबिक जिला कारागार में एनएसए में बंद मोहल्ला देवीदास निवासी गौरव उर्फ गोरा पुत्र ओमप्रकाश ने रंजिश में राजा वाल्मीकि हत्याकांड की साजिश बैरक नंबर नौ में रची थी। इस बैरक में गौरा के साथ काला नाम का शातिर बदमाश और मोहल्ला जैनीनगर निवासी बदमाश दानिश पुत्र नूर मोहम्मद बंद था। गौरा ने काला और दानिश से मिलकर राजा की हत्या करने की बात की थी। काला ने थाना कांधला क्षेत्र के गांव भभीसा निवासी शूटर विपुल खूनी से संपर्क किया था। दानिश को गौरा ने पचास हजार रुपये देने तय किए थे। 19 फरवरी को दानिश जेल से बाहर आ गया था।       

शराब के अवैध करोबार में राजा की गई हत्या                                    
खतौली। इंस्पेक्टर केपी सिंह ने बताया कि मोहल्ला देवीदास में गौरा वाल्मीकि का शराब का अवैध कारोबार था। धंधे में भाजपा नेता राजा वाल्मीकि बाधा बना हुआ था। गौरा और भाई राजू वाल्मीकि को शक था कि राजा ने ही उनका कारोबार पुलिस से मिलकर बंद कराया है और एनएसए की कार्रवाई भी उसी कहने पर की गई है। पुलिस के मुताबिक इसी वजह से गौरा व उसका भाई राजू रंजिश रखने लगे थे। इंस्पेक्टर ने बताया कि पालिका चुनाव आने वाले हैं। गौरा को आशंका थी कि अगर पालिका चुनाव में अध्यक्ष पद की सीट एससी में आने पर राजा वाल्मीकि चुनाव लड़ेगा। यदि चुनाव जीत गया तो वह उनका जीना दूभर कर देगा। इसलिए गौरा ने राजा की हत्या कराने की साजिश रची।                                    
शामली का टॉपटेन बदमाश विपुल खूनी
खतौली। राजा वाल्मीकि को शूट करने वाला जिला शामली के थाना कांधला क्षेत्र के गांव भभीसा के रहने वाले 12 हजार के इनामी विपुल खूनी का नाम पुलिस की फाइव टॉपटेन बदमाशों की सूची में पहला नंबर है। विपुल खूनी पर हत्या, लूट, डकैती के दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। यूपी, उत्तराखंड, दिल्ली में इसका बदमाशों के साथ बड़ा नेटवर्क है।

इसे पकड़ने के लिए शामली की एसओजी समेत  पुलिस की पांच टीमें लगी हुई हैं। पुलिस के मुताबिक शामली के दस गांवों में विपुल खूनी का खौफ है। सुपारी लेकर वह हत्या करता है। दिल्ली में कई लूट और डकैती की वारदात को भी अंजाम दे चुका है। पुलिस विपुल खूनी को पकडने में लगातार दबिश दे रही है। पुलिस ने अब 12 हजार रुपये का इनाम बढक़र 50 हजार रुपये की करने की संस्तुति कर शासन को भेजी है।                                    

चेयरमैन को मिल  सकती है क्लीनचिट                              
खतौली। राजा वाल्मीकि हत्याकांड में मृतक के भाई राणा प्रताप ने पालिका चेयरमैन पारस जैन, राजू वाल्मीकि व उसके भाई गौरा समेत अन्य दो अज्ञात को नामजद कराया था। पुलिस ने घटना के दिन भीड़ द्वारा मारपीट करने पर चेयरमैन को हिरासत में ले लिया था। क्राइम बांच टीम ने चेयरमैन से कई बार पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक चेयरमैन को पूछताछ करनेे के बाद छोड़ दिया गया था।

सीओ राजीव कुमार गौतम ने बताया कि चेयरमैन को हत्याकांड की साजिश में नामजद कराया गया था। हत्याकांड का खुलासा हो चुका है। सभी हत्याभियुक्तों के नाम सामने आ गए हैं। चेयरमैन की नामजदगी को लेकर पुलिस तफ्तीश कर रही है। अगर चेयरमैन दोषी पाए जाते हैं तो अवश्य कार्रवाई की जाएगी। हत्याकांड में आरोपियों के नामों का खुुलासा करने तथा अभी तक चेयरमैन के खिलाफ इस केस में क्लू नहीं मिलने से लगता है कि चेयरमैन को इस केस में क्लीनचिट मिल सकती है।  
                           
कोर्ट में नहीं आया गौरा      
खतौली। राजा की हत्या में नामजद राजू ने कोर्ट में सरेंडर की अपील डाल रखी है, लेकिन वह पेश नहीं हो रहा। आज की तारीख कोर्ट ने तय कर रखी थी, लेकिन वह नहीं आया।        
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