मुजफ्फरनगर। बदमाश रुचिन ने सोमवार को अधिवक्ता के भेष में कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने उसे 25 नवंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। वह गत वर्ष गाजियाबाद पुलिस की हिरासत से फरार हो गया था। उस पर गाजियाबाद पुलिस की ओर से पांच हजार का इनाम घोषित था। वह
जिला जेल के बाहर जेल आरक्षी चुन्नी लाल और मंसूरपुर में सिपाही नरेंद्र की हत्या में शामिल रहा है।
छपार थाना क्षेत्र के गांव दतियाना निवासी रुचिन पुत्र हरेंद्र पहले रेसलर था। उसने रंजिश के चलते वर्ष 2013 में प्रधान कर्ण सिंह की हत्या कर अपराध की दुनिया में कदम रखा था।
इसके बाद वह विक्की त्यागी के गिरोह में शामिल होकर अपराधी बन गया। उसने 10 अक्तूबर 2014 को एके- 47 से रोबिन त्यागी पर मंसूरपुर क्षेत्र में धोला पुल के पास पुलिस अभिरक्षा में हमला किया था, जिसमें सिपाही नरेंद्र की मौत हो गई थी। वर्ष 2015 में जिला कारागार के बाहर हुई जेल आरक्षी चुन्नी लाल की हत्या में भी रुचिन के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था।
गत वर्ष वह गाजियाबाद पुलिस की हिरासत से फरार हो गया था, जिस पर गाजियाबाद पुलिस ने पांच हजार का इनाम घोषित किया था। गाजियाबाद और मुजफ्फरनगर पुलिस उसकी तलाश में लगी थी। सोमवार को रुचिन ने वकील के भेष में यहां आकर हत्या के पुराने मामले में कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया।