फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बंदियों से मिलाई करने वालों पर नजर, जेल अधिकारियों ने लेटर पैड और फोन की सुविधा को किया किनारे      

Tue, 10 Jan 2017 12:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
विज्ञापन
jail
विज्ञापन
प्रशासन की सख्ती के बाद जेल अफसरों ने राजनीतिक मिलाई को पूरी तरह से बंद कर दिया है। फोन और लेटर पैड पर कराई जाने वाली बंदियों की मिलाई से जेल अफसरों ने मुंह फेर लिया है। पुलिस प्रशासन ने जेल के बाहर चार कैमरे लगाकर उसे नेट के माध्यम से अपने कंट्रोल रूम से जोड़ लिया है। मेन गेट पर बैरियर डाल दिया गया है। सिविल पुलिस और पीएसी की सघन चेकिंग के बाद ही मिलाई वालों को भीतर जाने दिया जा रहा है। शातिरों की मिलाई करने वालों पर निगाह रखी जा रही है।       
विज्ञापन


सोमवार से अफसरों ने राजनीतिक मिलाई को पूरी तरह से बंद कर दिया है। राजनेताओं के लेटरपैड की मिलाई को कराने से इनकार कर दिया है। नेताओं के फोन पर होने वाली मिलाई को भी पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। बंदी से मिलने आने वालों को सिर्फ आईडी से ही मिलने दिया जाएगा। डीएम और एसएसपी ने मेनगेट, मुलाकातियों की पर्ची बनाई जाने वाली जगह, सड़क को कवर करने वाले स्थान और महिला बंदियों की जेल के गेट को फोकस करते चार सीसीटीवी कैमरों को जेल पर लगवाया है। इन कैमरों से डीएम और एसएसपी नेट के माध्यम से अपने कंट्रोल रूम से जेल पर निगाह रखेंगे। 

जेल के मेनगेट पर बैरियर डाल दिया गया है। सिविल पुलिस और पीएसी मिलकर सघन चेकिंग और आईडी की पूरी जांच के बाद ही लोगों को मिलाई के लिए भीतर जाने दे रही है। अफसरों का कहना है कि भीतर बंद शातिरों से मिलाई करने वालों को पुलिस प्रशासन ने अपने रडार पर ले लिया है। बार-बार मिलाई पर आने वालों पर निगाह रखी जा रही है। तय समय से ज्यादा दिन मिलाई करने वालों की फुटेज निकालकर अधिकारी उनसे पूछताछ कर सकते हैं। रोजाना मिलाई पर चेलों को भेजने वाले नेता पूरी तरह से मायूस नजर आ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें