दलित किशोरी को अगवा कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सुर्खियों में आते ही पुलिस बैकफुट पर आ गई। बुधवार सुबह पुलिस ने अवैध हिरासत में रखी गई किशोरी को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया, बल्कि पांच नामजद व एक अज्ञात के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कर ली। पीड़िता का मेडिकल भी कराया गया है। वहीं, पुलिस आरोपियों की कॉल डिटेल के साथ ही अन्य सुबूत भी तलाशने में लग गई है।
शहर से सटे गांव निवासी दलित किशोरी को अगवा कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद पुलिस-प्रशासन में खलबली मच गई। बुधवार को दिन निकलते ही जहां एक तरफ पुलिस ने तीन दिन से अवैध हिरासत में रखी गई पीड़ित किशोरी को उसके परिजनों को थाने बुलाकर उनके सुपुर्द कर दिया।
वहीं, दूसरी ओर पीड़ित किशोरी की नानी की तहरीर पर पांच नामजद व एक अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच भी शुरू कर दी गई। आरोपियों में एक कृष्णापुरी, दो कूकड़ा, एक अलमासपुर व एक आरोपी खालापार का रहने वाला है।
शहर कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के साथ ही पीड़ित किशोरी को मेडिकल के लिए भेज दिया है। वहीं, आरोपियों के मोबाइल की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है कि घटना के दिन उनकी लोकेशन कहां थी?
मामले में इंस्पेक्टर मुकेश कुमार त्यागी ने बताया कि किशोरी की नानी की तहरीर पर मामले की जांच प्रारंभ कर दी गई है। इसके बाद उसके बयान दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। घटना की विवेचना शुरू कर दी गई है, जिसके बाद तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
नाबालिग हैं वारदात में शामिल सभी आरोपी
मुजफ्फरनगर। दलित किशोरी को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म की शर्मनाक घटना को अंजाम देने वाले सभी नामजद आरोपी 14 से 16 उम्र आयु वर्ग के हैं। सिटी कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अनिल कपरवान के अनुसार, किशोरी के साथ ही सभी आरोपी भी नाबालिग हैं, जिनके खिलाफ मामले की जांच शुरू कर दी गई है। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है, लेकिन आरोपों के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
यह था पूरा मामला ....
मुजफ्फरनगर। शहर के मोहल्ला निवासी दलित किशोरी मां की मौत के बाद नानी के घर रहती है। 26 जून को वह पिता के घर आ रही थी, लेकिन संदिग्ध हालात में लापता हो गई। तीन दिन बाद किशोरी रेलवे स्टेशन पर नशे की हालत में मिली। हालत में सुधार होने पर परिजनों को आपबीती सुनाई। पीड़िता को लेकर परिजन शहर कोतवाली पहुंचे, लेकिन वहां किशोरी को अपने पास रखकर परिजनों को पुलिस ने चलता कर दिया। किशोरी अवैध रूप से हिरासत में रखी गई थी।
न्याय के लिए पीड़िता ने दिया कलक्ट्रेट में धरना
मुजफ्फरनगर। सामूहिक दुष्कर्म की हैवानियत झेलने के बाद खाकी की दुत्कार झेलने वाली दलित किशोरी बुधवार सुबह नानी के साथ कलक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठ गई। पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीएम को भी शिकायती पत्र देते हुए कार्रवाई की गुहार लगाई। इस दौरान पीड़ित किशोरी ने व्यथा सुनाते हुए अपने साथ हुई हैवानियत की पूरी दास्तां सुनाई।
इसके साथ ही पीड़िता व उसकी नानी ने थाना पुलिस की लापरवाही को भी बयां किया कि किस तरह कार्रवाई के बजाए उसे अवैध हिरासत में रखकर बयान बदलने का दबाव बनाया जाता रहा और बुधवार सुबह मामला समाचारपत्रों में प्रकाशित होने के बाद उसे दिन निकलते ही परिजनों के हवाले किया गया।
पीड़ित किशोरी व उसकी नानी ने पूरे मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए डीएम को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। हालांकि, पीड़ित किशोरी के कलक्ट्रेट परिसर में धरना शुरू करने के कुछ देर बाद ही पुलिस ने मामले में तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इंचौली पुलिस ने पीड़ित युवती के पिता को छोड़ा
रतनपुरी क्षेत्र के एक गांव में दलित युवती के साथ छेड़छाड़ करने के मामले में नामजद आरोपी ने फैसला का दबाव बनाने को मेरठ के इंचौली थाने में पीड़ित पक्ष के लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करा दिया। इंचौली पुलिस मंगलवार की रात को पीड़िता के पिता को हिरासत में अपने साथ ले गई।
मेरठ पुलिस की कार्रवाई के विरोध में पीड़िता ने मंगलवार देर रात ही आत्मदाह करने का प्रयास किया। सीओ बुढ़ाना हरिराम यादव ने इंचौली पुलिस से बातचीत की और हालातों से अवगत कराया। इस पर मेरठ पुलिस बैकफुट पर आ गई। इंचौली पुलिस को देर रात को ही पीड़िता के पिता को छोड़ऩा पड़ा।
रतनपुरी क्षेत्र के गांव में पांच जून को दलित युवती के साथ गांव के ही ग्रामीण ने छेड़छाड़ करने का प्रयास किया था। इस मामले को लेकर दलितों में आक्रोश व्याप्त था। पुलिस ने पिता की तहरीर पर आरोपी राकेश के विरुद्ध छेड़छाड़ और एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया था।
इस मामले की विवेचना सीओ बुढ़ाना हरिराम यादव रहे हैं। पीड़ित दलित पक्ष के लोगों का कहना है कि फैसले का दबाव बनाने के लिए आरोपी राकेश ने 24 जून को मेरठ के थाना इंचौली में पीड़िता के पिता सहित अन्य चार लोगों के विरुद्ध झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया था।
मंगलवार की रात में इंचौली पुलिस गांव में पहुंची और पीड़िता के पिता को हिरासत में लेकर अपने साथ ले गई। रात में ही पीड़िता ने मकान का दरवाजा बंद करके केरोसिन छिड़क करके आत्महत्या करने का प्रयास किया। पड़ोसियों ने दरवाजा तोड़कर युवती को बाहर निकाला।
इतना ही नहीं परिवार की दूसरी युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। दलितों ने थाने में पहुंचकर हंगामा खड़ा कर दिया। सूचना मिलने पर सीओ हरिराम यादव थाने में पहुंचे।
सीओ ने तत्काल इंचौली इंस्पेक्टर से फोन पर वार्ता कर मामले की गंभीरता को समझाया। सीओ से बातचीत करने पर इंचौली पुलिस बैकफुट पर आ गई। इंचौली पुलिस को मंगलवार की देर रात में ही पीड़िता के पिता को छोड़ना पड़ा।