मुजफ्फरनगर कोर्ट में चेकिंग करती पुलिस।
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वाराणसी कचहरी में हैंडग्रेनेड मिलने और आसपास के जिलों से कई बदमाशों के पुलिस सुरक्षा से भाग जाने से पुलिस को जिले में किसी अनहोनी का डर सता रहा है। अधिकारियों ने पूरे जिले में हाईअलर्ट कर दिया है। संदिग्धों की तलाश की जा रही है। कचहरी में जबरदस्त चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। बदमाशों का खौफ पुलिस के चेहरे पर साफ नजर आ रहा है।
प्रदेश में वाराणसी की कचहरी में हैंडग्रेनेड मिलने पर शासन ने सभी जिलों में सघनता से चेकिंग करने के आदेश पुलिस अधिकारियों को दिए थे। 18 अप्रैल को शहर का शातिर शाहरुख हरदोई पुलिस की अभिरक्षा से फरार हो गया। बुधवार को हरियाणा पुलिस के हाथों से मुकीम काला गैंग का शातिर इसरार भाग गया।
उधर, बागपत के हिस्ट्रीशीटर अमरपाल उर्फ कालू द्वारा मुजफ्फरनगर में खून-खराबा करने की बात कहने पर पुलिस अधिकारियों के होश फाख्ता कर दिए हैं। तीनों बदमाशों का टारगेट मुजफ्फरनगर होने की बात सामने आ रही है। पुलिस हर उस कड़ी को जोड़कर देख रही है, जिसमें जिले में ये बदमाश खून-खराबा कर सकते हैं। जो लोग इनके टारगेट पर हैं, उन्हें एहतियात बरतने के लिए कहा जा रहा है।
पुलिस अभिरक्षा में बदमाशों के मारे जाने के चलन को भी देखते हुए कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। कई दिन से कचहरी में चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
गुरुवार को भी सीओ सिटी डॉ तेजवीर सिंह के नेतृत्व में आरआई वीरेंद्र सिंह यादव और एसओ सिविल लाइन ने भारी फोर्स के साथ कचहरी में सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान डॉग स्कवायड के साथ कचहरी के चप्पे-चप्पे को खंगाला गया। संदिग्धों की तलाशी ली गई। परिसर में खड़े वाहनों की भी तलाशी ली गई। शस्त्र लेकर घूम रहे लोगों के लाईसेंस चेक किए गए।