मुजफ्फरनगर। जिले की पुलिस और क्राइम ब्रांच सोती रह गईं और मेरठ की पुलिस 50 हजार के ईनामी सौरभ मलिक को उठाकर ले गई। शामली के एक गांव से बुधवार को सिखेड़ा थाने के एक गांव में बारात आई हुई थी।
बारात में कुख्यात अपराधी सागर मलिक का भाई और 50 हजार का ईनामी सौरभ मलिक भी आया हुआ था। एक साल पहले अदालत के कटघरे में विक्की त्यागी की हत्या को अंजाम देने वाले वह सागर मलिक का सहयोगी रहा है। पुलिस पिछले एक साल से उसकी तलाश में जुटी थी।
जिले की क्राइम ब्रांच और सिखेड़ा पुलिस को ईनामी बदमाश की मौजूदगी की कानों कान खबर तक नहीं हुई। सौरभ और उसके चार साथियों ने बारात में चढ़त के दौरान जमकर डांस किया और हवाई फायरिंग की। गांव में किसी को भी यह पता नहीं चल पाया कि बारात में सौरभ भी शामिल है।
इसी बीच मेरठ के जानी थाना और क्राइम ब्रांच की टीम ने बारात में दबिश देकर 50 हजार के ईनामी सौरभ, 15 हजार के ईनामी नितिन और इनके तीन साथियों को भी दबोच लिया। बदमाशों के बारात में होने का पता चलने से हड़कंप मच गया।
किसी को कुछ पता चलता, इससे पहले ही मेरठ पुलिस पांचों को लेकर फुर्र हो गई। मामले की भनक लगने पर जिले की क्राइम ब्रांच और सिखेड़ा पुलिस की नींद टूटी, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मेरठ पुलिस जा चुकी थी। बाद में कप्तान केबी सिंह ने पुलिस टीम को बुलाकर नाकामी के लिए लताड़ लगाई।