जिला मंडलीय कारागार में गुरुवार की दोपहर जिला और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से छापेमारी की। इस दौरान जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। दो घंटे चली छापेमारी में जेल के विभिन्न बैरकों से 12 मोबाइल फोन, पांच चार्जर और चाकू बरामद हुआ। इस दौरान जिलाधिकारी ने जेल प्रशासन को फटकार लगाई। जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने बताया कि इस संबंध में शासन को अवगत कराएंगे।
गुरुवार की दोपहर डेढ़ बजे के करीब जिलाधिकारी सुहास एलवाई व एसपी दयानंद मिश्र के नेतृत्व में पुलिस के जवानों और अन्य अधिकारियों की टीम मंडल कारागार पहुंची। जिले के अधिकारियों के साथ भारी संख्या में क्यूआरटी के जवानों को देख जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीएम और एसपी के आदेश पर जवानों ने जेल की बैरकों की
सघन तलाशी ली। इस दौरान विभिन्न बैरकों से प्रतिबंधित वस्तुएं बरामद हुईं।
दो घंटे तक चली कार्रवाई के बाद प्रशासन के लोग जेल परिसर से बाहर निकले। जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने बताया कि जेल में निरुद्ध कुछ बंदियों के उपद्रव की सूचना मिली थी। बताया कि छापेमारी में जेल के अंदर से इतनी मोबाइल फोन की बरामदगी चिंताजनक है।
सूत्रों की मानें तो जेल में निरुद्ध कुछ बंदी विधान परिषद के चुनाव को लेकर अंदर से ही मतदाताओं को धमकी दे रहे थे। इस सूचना के आधार पर गुरुवार को जिला और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से जेल में छापेमारी की। प्रशासनिक अधिकारियों के जाने के बाद जेल प्रशासन ने राहत की सांस ली।
बताते चलें कि बीते वर्ष जेल परिसर में तत्कालीन एसपी आकाश कुलहरी की अगुवाई में छापेमारी की गई थी। इस दौरान जेल से लगभग 54 मोबाइल फोन बरामद हुए थे। इतनी भारी संख्या में मोबाइल फोन की बरामदगी के बाद इस बात पर बल मिलता है कि जिला कारागार से अपराधियों द्वारा अपना नेटवर्क चलाया जाता है।