रोहाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर हुई मुठभेड़ में पुलिस ने 25 हजार के इनामी समेत दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। फायरिंग में इनामी के साथ ही एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है। बदमाशों के पास से बाइक, तमंचे व 35 हजार की नकदी बरामद की गई है। पकड़े गए बदमाश रोहाना क्षेत्र में बड़कली मोड़ पर बिजलीघर कैशियर से हुई 3.10 लाख की लूट के साथ ही नीलकंठ ढाबे पर कर्मचारियों व ट्रक चालकों को बंधक बनाकर की गई लूट में शामिल रहे हैं।
शहर कोतवाली क्षेत्र के रोहाना चौकी प्रभारी एसआई विनय शर्मा मंगलवार दोपहर क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने बाइक सवार दो संदिग्ध युवकों को रोकने का प्रयास किया, तो वे पुलिस टीम पर फायरिंग करते हुए भागने लगे। बदमाशों की गोली से कांस्टेबल तस्लीम घायल हो गया। कांस्टेबल को गोली लगने की सूचना पर इंस्पेक्टर अनिल कपरवान व एसएसआई समयपाल अत्री भी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद बदमाशों को बधाई कलां मोड़ के पास घेर लिया गया।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश को पैर में गोली लगी, जिसके बाद दूसरे ने खुद को सरेंडर कर दिया। इंस्पेक्टर कपरवान ने बताया कि घायल बदमाश 25 हजार का इनामी सरफराज पुत्र इकराम है, जबकि दूसरा एरार पुत्र मुस्तकीम निवासीगण थीतकी देवबंद (सहारनपुर) हैं। दोनों बदमाशों के पास से दो तमंचे, सफेद रंग की अपाचे बाइक, कारतूसों की पेटी और 35 हजार की नकदी बरामद की गई है।
पूछताछ में आरोपियों ने रोहाना के बड़कली मोड़ पर बिजलीघर रोहाना के कैशियर से हुई 3.10 लाख की लूट के साथ ही नीलकंठ ढाबे पर कर्मचारियों व ट्रक चालकों को बंधक बनाकर की गई लूटपाट का भी खुलासा किया। सूचना पर एसएसपी सुधीर कुमार सिंह, एसपी सिटी ओमवीर व सीओ सिटी हरीश भदौरिया भी मौके पर पहुंचे और पुलिस टीम की हौसलाअफजाई की।
लुटेरे गिरोह का सरगना है सरफराज
मुजफ्फरनगर। इंस्पेक्टर अनिल कपरवान ने बताया कि मुठभेड़ में पकड़ा गया 25 हजारी सरफराज ने आठ-नौ लुटेरों का गिरोह बना रखा है। यह गिरोह पिछले करीब डेढ़ माह से देवबंद व रोहाना-छपार क्षेत्र में लगातार लूट की वारदातों को अंजाम दे रहा था। गैंग लीडर सरफराज व एरार की गिरफ्तारी होने के बाद गिरोह के कई बदमाश अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
दो बार सहारनपुर से हो चुका है कस्टडी से फरार
मुजफ्फरनगर। इंस्पेक्टर ने बताया कि मुठभेड़ में पकड़ा गया इनामी सरफराज शातिर लुटेरा है, जो सहारनपुर में दो बार पुलिस कस्टडी से फरार हो चुका है। इनमें एक बार वह जनकपुरी थाने से और दूसरी बार सहारनपुर सदर हवालात से पुलिस कस्टडी से फरार हो चुका है।