फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

परीक्षा में पकड़ा गया ‘मुन्नाभाई’

Mon, 17 Sep 2018 12:11 AM IST
मुजफ्फरनगर/अमर उजाला/ब्यूरो
विज्ञापन
crime - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। लाला जगदीश प्रसाद सरस्वती विद्यामंदिर इंटर कॉलेज में आयोजित यूपी एसएसएससी की परीक्षा में रविवार को बिजनौर निवासी अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देते मुन्नाभाई को पकड़ा गया। आरोपी बायोमैट्रिक मशीन की जांच में पकड़ा गया, जिसके बाद उसे पुलिस के हवाले करते हुए उसके खिलाफ तहरीर दे दी गई है। पकड़ा गया आरोपी मूल रूप से पटना (बिहार)  के गांव मीठापुर निवासी प्रवीण कुमार है।
विज्ञापन


उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी ) द्वारा रविवार को सम्मिलित व्यायाम प्रशिक्षक एवं क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी की परीक्षा पूरे प्रदेश में कराई गई। जनपद में उक्त परीक्षा केंद्र संख्या (56025) जानसठ रोड स्थित लाला जगदीश प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में कराई गई थी।

परीक्षा केंद्र पर दोनों पालियों में 1008-1008 परीक्षार्थी शामिल होने थे, जिनमें बिजनौर के साकेत कॉलोनी निवासी विकास कुमार सैनी पुत्र प्रकाश सिंह सैनी भी अनुक्रमांक 00298714 पर बतौर अभ्यर्थी शामिल होना था। विकास कुमार सैनी के परीक्षा कक्ष में बतौर कक्ष निरीक्षक शिक्षक मनोज भारती की ड्यूटी लगाई गई थी। प्रश्नपत्र वितरित होने के बाद स्कूल के शिक्षक प्रवेश कुमार बायोमैट्रिक मशीन लेकर परीक्षार्थियों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान जब उन्होंने अभ्यर्थी विकास कुमार सैनी की जांच की. तो बायोमैट्रिक मशीन में पहले से अपलोड अभ्यर्थी का फोटो और परीक्षा दे रहे युवक की फोटो दोनों अलग-अलग आए। शक होने पर परीक्षार्थी का आधार कार्ड मांगा गया, तो  उस पर अंकित अभ्यर्थी का सही पता तक नहीं बता पाया।
विज्ञापन


इस पर केंद्र व्यवस्थापक प्रधानाचार्य सतीश उपाध्याय व सहायक पर्यवेक्षक नायब तहसीलदार शिवौतार सिंह के साथ ही परीक्षा प्रायोजक टीसीएस लिमिटेड के सेंटर मैनेजर अमित कुमार को भी मौके पर बुला लिया गया। इसके बाद आरोपी से पूछताछ की गई, तो उसने अपना नाम विकास कुमार सैनी पुत्र अशोक कुमार सैनी निवासी बिजनौर बताया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया, जिसके खिलाफ केंद्र पर्यवेक्षक सतीश उपाध्याय ने तहरीर दी है।

इंस्पेक्टर हरशरण शर्मा ने बताया कि पूछताछ में आरोपी की सही पहचान बिहार प्रांत की राजधानी पटना के गांव मीठापुर निवासी प्रवीण कुमार पुत्र वीरेंद्र के रूप में हुई है, जिससे गिरोह की बाबत पूछताछ की जा रही है।

15 हजार रुपये में परीक्षा देने आया था पकड़ा गया युवक
मुजफ्फरनगर। यूपीएसएसएससी की परीक्षा में पकड़े गए मुन्नाभाई को किसी अन्य अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने के लिए 15 हजार रुपये में सौदा किया गया था। आरोपी को परीक्षा केंद्र पर गाड़ी से भेजा गया। परीक्षा के बाद उसे गाड़ी से ही वापस ले जाना भी था। आरोपी ने पूछताछ में बिजनौर जिले के एक व्यक्ति दिवाकर खन्ना का नाम लिया है। आरोपी ने मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया है। प्रथम दृष्टया जांच में पूरे मामले में रुपये लेकर नौकरी दिलाने वाले बड़े गिरोह की संलिप्तता नजर  आ रही है, जिसके संबंध में पुलिस जांच कर रही है।

लाला जगदीश प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में यूपीएसएसएससी  की परीक्षा में अभ्यर्थी विकास कुमार सैनी पुत्र प्रकाश सिंह सैनी के स्थान पर परीक्षा देते पकड़े गए मुन्नाभाई बिहार में पटना के गांव मीठापुर निवासी प्रवीण कुमार को इसके लिए पैसा देकर लाया गया था। सूत्रों के मुताबिक आरोपी ने पूछताछ में इसके लिए 15 हजार रुपये का भुगतान बिजनौर के एक व्यक्ति से लिए जाने का खुलासा करते हुए उसका मोबाइल नंबर भी पुलिस को उपलब्ध कराया है। आरोपी ने यह भी खुलासा किया कि उसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जनपदों की जानकारी नहीं है, जिसके चलते बिजनौर से उसे एक गाड़ी में लाकर परीक्षा केंद्र पर छोड़ा गया था। परीक्षा देने के बाद उसे एक गाड़ी ही यहां से लेकर जाने वाली थी। प्रथम दृष्टया जांच में माना जा रहा है कि यूपी में रुपये लेकर नौकरी दिलाने वाला कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है, जो मूल परीक्षार्थियों के स्थान पर परीक्षा उत्तीर्ण कराने के लिए किराये के परीक्षार्थियों का इस्तेमाल करता है।
अब पुलिस मुन्नाभाई द्वारा उपलब्ध कराए गए मोबाइल नंबर के आधार पर बिजनौर के उस आरोपी की तलाश कर रही है, जिसने उसे 15 हजार रुपये में परीक्षा देने के लिए तय किया था। उधर, एसएसपी सुधीर कुमार ने बताया कि बिजनौर के परिक्षा दिलाने वाले व्यक्ति की जांच कराई जा रही है।
विज्ञापन


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें