फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या तीन ने संपत्ति विवाद में विवाहिता की हत्या के मामले में महिला को उसके बेटे और भतीजी को दस-दस वर्ष के कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद तीनों को जेल भेज दिया गया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार तितावी थाने पर 11 सितंबर 2011 को गांव पलड़ा निवासी मांगेराम ने मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसकी बेटी सुशीला की शादी तितावी थाना क्षेत्र के गांव घौलरा निवासी राजकुमार के साथ हुई थी। राजकुमार ने पहली पत्नी की मौत के बाद सुशीला से शादी की थी।
संपत्ति को लेकर राजकुमार की पहली पत्नी की बेटियों से सुशीला का विवाद बना रहता था। जिसके चलते घटना के दिन राजकुमार की बेटी प्रीति, रूबी, बुआ गीता, बुआ गीता के बेटे जयवीर निवासी दादनपुर, ननौता ने एकराय होकर सुशीला की पिटाई कर दी। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। उपचार के दौरान अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे मनोज कुमार मिश्रा की अदालत फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 में हुई। एडीजीसी नरेश कुमार शर्मा ने न्यायालय में आठ गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त रूबी, गीता और जयवीर को दोषी करार देते हुए धारा 304 के तहत दस-दस वर्ष का कारावास और 10-10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। सह अभियुक्त प्रीति को नाबालिग करार देते हुए उसकी सुनवाई किशोर न्यायालय में भेज दी है।