मुजफ्फरनगर/सिखेड़ा। शहर कोतवाली के मुहल्ला किदवई नगर में दहेज में दस लाख रुपये की मांग पूरी न होने पर ससुराल वालों ने विवाहिता की जहर देकर हत्या कर दी। उपचार को लेकर परिजनों ने सिविल हॉस्पिटल में हंगामा भी किया। मृतका के भाई की ओर से शहर कोतवाली पर पति समेत छह के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा पंजीकृत कराया गया है।
सिखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव बिहारी निवासी शाहिद हुसैन ने अपनी बेटी जिया फातिमा (26) का निकाह तीन साल पहले 10 अक्तूबर 2013 को गांव के ही मास्टर शमीम के बेटे रईस के साथ किया था। रईस इन दिनों परिवार समेत शहर कोतवाली क्षेत्र के किदवईनगर बर्फखाना के पास रहता है। बीती रात विवाहिता जिया फातिमा की मौत हो गई।
उसके भाई जमाल अब्बास ने शहर कोतवाली पर पति रईस, ससुर शमीम, सास नुजहत फातिमा, देवर कुमैल, गौहर अब्बास और ननद मुन्नी के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोप लगाया कि दहेज में दस लाख रुपये न मिलने पर ससुराल वालों ने उसकी बहन की मारपीट कर जहर देकर हत्या कर दी। दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार मायके वालों ने निकाह में आल्टो कार भी दी थी। इसके बावजूद भी ससुराल वाले अतिरिक्त दहेज में 10 लाख रुपये की मांग कर जिया फातिमा का उत्पीडऩ करते रहे।
बेटे युशा के जन्म के बाद भी मांग जारी रही। इस बीच मायके वालों ने सात लाख रुपये भी दिए। शुक्रवार रात्रि में ससुराल वाले आरोपियों ने मारपीट कर जिया फातिमा का जहर दे दिया। हालत बिगडऩे पर उसे बिहारी गांव में मायके वालों के यहां छोड़ गए। मायके वालों उसे लेकर सिखेड़ा थाने पर पहुंचे, तो पुलिस ने मामला शहर कोतवाली को बता दिया।
परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से मेरठ रेफर कर दिया गया। जहां उसे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उधर, रात्रि में जिला अस्पताल में उपचार को लेकर परिजनों ने हंगामा भी किया। उधर, सिखेड़ा पुलिस ने आरोपी पति और ससुर को हिरासत में ले लिया है। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।