भोपा पुलिस ने कादिपुर निवासी महिपाल हत्याकांड का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। एक वर्ष पूर्व हुई बेटे की हत्या के मुकदमे में महिपाल वादी था। उसने गांव के ही चार लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
जमानत पर छूट कर आए एक आरोपी ने फैसले में विफल होने के बाद सजा होने के डर महिपाल की हत्या करा दी। इसके लिए गांव के ही एक व्यक्ति से 90 हजार रुपये में सौदा किया गया था।
गांव कादिपुर निवासी महिपाल की 19 जून को अपहरण के बाद कर दी गई थी, जिसका शव नई मंडी थाना क्षेत्र के गांव जट मुझेड़ा के पास रजवाहे में पड़ा मिला था। इस संबंध में मृतक के छोटे भाई कंवरपाल ने ओमपाल, शुभम, रोबिन पर हत्या करने और राजीव, संजय, ज्योति पर षड्यंत्र रचने का मुकदमा दर्ज कराया था।
एक वर्ष पूर्व हुई महिपाल के बेटे अनिल की हत्या का मामला कोर्ट में चल रहा है। महिपाल इसकी पैरवी कर रहा था। हत्या के आरोप में ओमपाल, संजय, राजीव, रोबिन जेल चले गए थे, जिनमें से ओमपाल और रोबिन की जमानत हो चुकी है।
रविवार को पुलिस ने भोकरहेड़ी निवासी सनशपाल ऊर्फ मुन्ना पुत्र शिवचरण को मोरना से गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया। सीओ सूक्ष्म प्रकाश, थाना प्रभारी पीपी सिंह ने बताया कि ओमपाल और सनशपाल की मुलाकात कोर्ट में होती रहती थी। एक दिन ओमपाल ने सनशपाल से उसकी बिरादरी का हवाला देते हुऐ कहा कि वह महिपाल को समझौते के लिए राजी कर ले, इसके लिए मुंह मांगी रकम मिलेगी।
सनशपाल ने महिपाल से नजदीकी बढ़ा ली और समझौते का प्रयास किया, लेकिन महिलपाल इसके लिए तैयार नहीं हुआ। सनशपाल से ओमपाल और उसकी पुत्रवधू ज्योति पत्नी राजीव ने महिपाल की हत्या करने के लिए कहा। यह सौदा 90 हजार रुपये में तय हुआ, सनशपाल ने 70 हजार रुपये पहले ले लिए।
हत्याकांड में मीरापुर थाना क्षेत्र के गांव नंगला खेप्पड़ निवासी दामोदर भी सम्मलित रहा। 18 जून को सनशपाल, दामोदर और ओमपाल ने भोपा बिजलीघर के पास से महिपाल का अपहरण कर उसकी हत्या गला दबाकर दी थी। दामोदर और ओमपाल पुलिस पकड़ से दूर हैं।